UIDAI नंबर आपके फ़ोन में कहां से आया, जानिए सच । Mystery solved?

अचानक आप सुबह उठकर देखते हैं कि आपके फोन में एक नंबर सेव है उस कांटेक्ट का नाम है UIDAI. और वह नंबर है 1800 300 1947. आप याद करने की कोशिश करते हैं कि आपने यह नंबर सेव कब किया था. लेकिन आपको ध्यान नहीं आता क्या आपने कभी कोई इस तरह का नंबर सेव किया है आप सोचते हैं कि यह आधार का नंबर है किसी तरह आपके फोन में आ गया होगा.

पर जब आधार कार्ड के ट्विटर हैंडल से यह पूछा जाता है कि यह नंबर लोगों के फोन में कहां से आया तो वहां से जवाब मिलता है कि हमारा ऑफिशियल नंबर है ही नहीं. तो कैसे आया आपके फोन में यह नंबर? क्या कभी भी कोई भी नंबर आपके फोन में कुछ किया जा सकता है? या फिर जिस तरह कोई इंफॉर्मेशन आपके फोन में कुछ की जा सकती है तो क्या कोई इंफॉर्मेशन आपके फोन पर आपकी जानकारी के बिना निकाली जा सकती है? आइए देखते हैं इस न्यूज़ से जुड़े सारे सच.

नेटफ्लिक्स पर एक टीवी सीरीज आती है उसका नाम है मिस्टर Robot. उसके मेन करेक्टर के नाम पर एक ट्विटर हैंडल चलता है जिसका नाम है इलियट एंडरसन. इलियट एंडरसन उस टीवी सीरीज में एक हैकर की भूमिका निभा रहा है. ट्विटर अकाउंट से सबसे पहली बार इंफॉर्मेशन शेयर हुई थी कि आप सब के फोन में जो एक नंबर सेव है वह कहां से है?

Myths and Fact’

  • बहुत सारे लोगों का कहना है वे लोग एम आधार ऐप का इस्तेमाल करते थे. उसकी वजह से यह नंबर उनके मोबाइल में सेव हो गया होगा लेकिन सच यह है कि जो लोग mAdhar का कभी डाउनलोड भी नहीं किया है उनके फोन में भी यह नंबर सेव है.
  • बहुत से लोगों का मानना है कि टेलीकॉम कंपनी ने खुद से यह नंबर ऐड किया है लेकिन टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि उन्होंने इस तरह का कोई भी नंबर कांटेक्ट लिस्ट में ऐड नहीं किया है.
  • एक अफवाह यह भी है कि यह केवल Android फोंस में ही है. पर एक्चुअल में ऐसा नहीं है. यह नंबर Apple फोंस में भी पाया गया है

क्या किसी सोची-समझी हैकिंग तकनीक के जरिए यह नंबर आपके फोन में पहुंचा है या फिर इसके पीछे कोई पॉलिटिकल रीजन. अभी तक इसके बारे में कोई इंफॉर्मेशन नहीं मिल पाई है यूआईडीएआई ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है यह हमारा official number है ही नही.

Possible Reasons:

1.

2.

3.

Nitin Arya

He is lucky be to a fast-growing YouTuber. Like every third person now in india, he is an engineer, working as manager in public sector. A photographer and a science teacher who usually deviates to the miracles of science rather than completing syllabus.

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