ट्रांसफार्मर की वर्किंग, losses, efficiency और एप्लीकेशन

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Transformer का working principle:

Transformer के operation के आधार का principle दो coils या winding के बीच mutual induction है जो common magnetic flux से linked होता है. जब primary winding AC source supply के साथ energized होता है , तो primary windings में magnetic flux establish होता है.

Flux दोनों primary और secondary windings से link होते हैं क्युकि core magnetic flux के लिए एक low reluctance path provide करता है. इसलिए, primary winding से produce हुआ ज़्यादातर flux secondary winding से link करता है. इसे हम main flux या useful flux कहते हैं. और जो flux secondary winding के साथ link नहीं कर पाता उसे leakage flux कहते हैं. ज्यादातर transformers low leakage flux के लिए design होते हैं ताकि losses को reduce कर सके.

Faraday’s law of electromagnetic induction के अनुसार, ये flux linkage जो primary और secondary windings दोनों में होता है वो इनमे EMF induce करता है. यह EMF जो प्रत्येक winding में induce होता है वो इनमे number of turns के proportional होता है.  Primary winding में जो voltage या EMF induce होता है वो back EMF होता है जो input supply voltage को एक हद तक रोकता है ताकि कोई primary current न flow कर सके. परन्तु small magnetizing current primary transformer से flow करता ही है.

Secondary winding में induce हुआ current open circuit voltage होता है. अगर secondary circuit closed है या load से connected है ,तो secondary current उससे flow करना शुरू हो जाती है जिससे demagnetizing magnetic flux create होता है. इस demagnetizing flux के कारण , applied voltage और back EMF के बीच में unbalance बन जाता है.

इन दोनों के बीच का balance restore करने के लिए, supply source से ज्यादा current draw किया जाता है ताकि equivalent magnetic field बन सके और secondary field के साथ balance बन सके.

Transformer working principle

Same mutual flux दोनों windings में cut होती है, इसलिए दोनों windings के प्रत्येक turn में same ही EMF induce होता है. अत: प्रत्येक winding में total induced EMF  उसके winding में number of turns के proportional होती है. इसलिए induced EMF और number of turns के बीच में अच्छा relationship बन जाता है. और यह इस equation से दिया जाता है.

E1 /E2 = N1 / N2

जैसे की दोनों windings के terminal voltage induced EMF से थोड़े अलग होते हैं इसलिए हम यह लिख सकते हैं,

V1/V2 = N1/N2

इसे हम transformer का transformation ratio कहते हैं. यह transformation value step-up transformer में unity(1) से बड़ी होती है और step-down transformer में unity से कम होती है.

Ampere turns balance के terms में,
I1N1 = I2N2
I1/I2 = N2/N1

Transformer का Equivalent Circuit:

Machine या device का equivalent circuit, equations का interpretation होता है जो fixed और variable resistors और reactance के combination  है, जो machine के complete  behavior को describes या simulates करता है.

दरअसल , transformer के voltage और currents के related problems को phasor diagrams से solve होता है. लेकिन, computations आसान करने के लिए, Transformer को equivalent  circuit में represent करना convenient है.

Direct circuit theory के application के साथ हम transformer में current और voltages आसानी से पता लगा सकते हैं.  

Transformer का Equivalent Circuit diagram

उपर का figure transformer का equivalent circuit दर्शाता है जिसमे यह imagine किया जाता है की primary और secondary windings दोनों के resistance और reactance winding के external होते हैं. No load current Io magnetizing component Iu और active component Iw का combination होता है.

इसलिए, magnetizing current का effect Xo से represent किया जाता है और active component या core loss component के effect को non inductive resistance Ro से represent किया जाता है. दोनों Ro और Xo primary winding के across connected होता है और यही figure में दिखाया गया है. यह parallel combination को NO load condition पर equivalent circuit कहा जाता है.

जब load secondary से connected होता है , तो I2 current secondary circuit के  through flow होता है और X2 और R2 के across voltage drop होता है. जैसा की उपर mention है secondary current I2 के कारण primary ज्यादा current draw करता है. इसलिए primary current I1 के कारण R1 और X1 के across considerable drop होता है.

Calculations आसान बनाने के लिए, equivalent circuit को और further simplified किया जाता है. इसके लिए secondary resistances और reactances को primary side पर transfer किया जाता है. और यह ध्यान रखा जाता है की E2/E1 ratio को phase या magnitude दोनों में कोई भी affect ना हो सके.

Secondary EMF का primary equivalent यह है- E2’ = E2/K
जहाँ K transformation ratio है .
ठीक वैसे ही secondary current का primary equivalent है - I2’ = I2/K

मान ले R2’ वह resistance है जो primary side पर transfer किया जाता है जो primary में drop produce करता है , ठीक वैसे ही जैसे secondary में करता है. इसलिए I2’R2’ primary में R2’ के द्वारा voltage drop produce करता है. इसके वजह से I2’R2’ और I2R2 के ratio N1/N2 के same होता है.

इसलिए,

(I2’R2’) / (I2R2) = (N1/N2) = (1/K)
R2’ = R2 × (I2 / I2’) × (1/K)
But (I2 / I2’) = (N1/N2) = (1/K)
अत:, R2’ = R2 /K2
ठीक वैसे ही , X2’ = X2 /K2

इसी तरह , load resistances और reactances को भी primary side पर transfer किया जाता  है . ये सभी transferred values के साथ , transformer का exact equivalent circuit नीचे दिखाया गया है,

Primary resistance और reactance को secondary side में भी transfer करना possible है ठीक वैसे ही जैसे secondary resistance और reactance (या impedance) को transfer किया जाता है. मान लीजिए R1’ और X1’ resistance और reactance है जो secondary side पर primary side से transfer किए जाते हैं , तब

R1’ = K2R1

X1’= K2X1

यह देखा जाता है की noload current , full load current का small fraction होता है और E1 भी V1 से small amount से differ करता है . और इसलिए current I2’ भी I1 के practically equal होता है.

अत:  voltage drop जो no load current I0 के कारण R1 और X1 के across होता है उसे neglect किया जाता है. इसलिए, exact equivalent circuit में no load parallel branch को left में shift कर और simplify किया जाता है . नीचे दिया हुआ figure यही दर्शाता है.

यह circuit transformer का appropriate equivalent circuit भी कहलाता है जो primary side को refer होता है.

Transformer में losses :

Transformer के कोई भी moving parts नहीं होते और इसलिए mechanical losses इनमे absent होते हैं. अत: transformer में losses को electrical energy losses consider किया जाता है. दो प्रकार के electrical losses transformer में exist होते हैं – core losses और copper losses .

Core या Iron Losses :

ये losses में hysteresis और eddy current losses दोनों ही include होते हैं.

Transformer में जो magnetic flux set up होता है वह alternating type होता है; इसलिए वह magnetization और demagnetization का cycle में जाता है. इस दौरान , iron core के elementary magnets के continuous reversal के लिए appropriate power की ज़रुरत पड़ती है. इसे हम hystersis effect कहते हैं और इस कारण loss of energy होता है .

 Hysteresis loss = Kh Bm1.67f v Watts
जहाँ
Kh = Hysteresis Constant
Bm = Maximum flux density
f= frequency
v = volume of the core

Transformer core ferromagnetic materials से बना होता है जो की good conductors भी होते हैं. और इसलिए, magnetic flux जो core के साथ link होता है वो core में emf induce करता है. इसलिए core eddy currents core में set up होता है अत: core में considerable eddy currents losses होता है.

Eddy Current losses = Ke Bm2f2t2 W/unit volume
जहाँ,
Ke = Eddy current constant
t = thickness of the core

उपर के दो equations से, यह observe किया जाता है की supply voltage एक fixed frequency पर constant होता है और इसलिए core में turn flux density में flux almost constant होता है. अत: core losses को constant losses भी कहते हैं.

High grade core materials जैसे silicon steel जिसके very low hysteresis loop उसका उपयोग करके hysteresis losses को minimize या reduce किया जाता है . वही दूसरी तरफ eddy current losses को minimize करने के लिए laminated core का उपयोग होता है. ये constant या core losses को measure करने के लिए transformer पर open circuit conduct किया जाता है.

Copper Losses :

Transformer के winding resistances में ये losses occur होता है जब यह load current carry करता है. Transformer में Total copper losses दोनों primary और secondary copper losses को जोड़ कर obtain किया जाता है. ये transformer पर short circuit test conduct कर पता चलता है.

Transformer में दुसरे losses भी होते हैं जिसमे dielectric losses और stray load losses भी include होते हैं. ये stray losses tank में eddy currents का result होता है. Dielectric losses transformer के insulating materials जैसे oil और solid insulations में occur होता है.

Transformer की Efficiency :

यह useful power output और transformer का input power का ratio होता है जो एक particular load और power factor पर operate होता है.

Efficiency = Output/ Input
= Output / (Output + Total Losses) या
= (Input – Losses)/Input
= 1- (Losses/ Input)

दरअसल transformer की efficiency 95% से 98% की range में होती है. उपर के efficiency equation के अनुसार , यह देखा जाता है की efficiency watts पर depend करती है , ना की volt-ampere rating पर. अत: किसी भी कोई भी volt-ampere rating पर, transformer power factor पर depend करता है. Unity power factor पर efficiency maximum होती है और यह OC और SC tests से total losses calculate होता है.

Transformers का application:

  • Power transmission systems जैसे transmission और distribution systems में voltage को step-up या step-down करने के लिए उपयोग होता है.
  • Industry में control circuitry circuits, substations इत्यादि के case में low voltage circuits को high voltage circuits से isolate करने के लिए उपयोग होता है.
  •  Instrument transformers जैसे current और potential transformer का उपयोग protection और meter indication systems में होता है.
  • Impedance matching के लिए उपयोग होता है.

उम्मीद है आप सभी को यह article पसंद आया होगा और transformer के बारे में जानकारी मिली होगी. इसी तरह आप हमारे column में नए नए article पढ़ते रहिए.

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