Thermocouple (थर्मोकपल ) क्या है? |Working |Applications |

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दोस्तों, मैं आप सभी का इलेक्ट्रॉनिक्स column में इस नए अध्याय में स्वागत करती हूँ. अब तक हमने temperature sensor के दो instrument के बारे में पढ़ चुके होंगे (RTD, thermistor). अगर आप अब भी इनके बारे में नहीं जानते हैं तो जल्दी से हमारे article इन सभी topic पर जाके पढ़े.तो आज हम temperature sensor की तीसरी category के बारे में बात करेंगे. जी हाँ आज हम thermocouple पर चर्चा करेंगे. तो चलिए जल्दी से इसका definition देखते हैं.

RTD ( आर टी डी ) क्या है और कैसे काम करता है .
Thermistor (थर्मिस्टर) क्या है और कैसे काम करता है.

 Thermocouple

Thermocouple temperature measuring device है.  यह instrument किसी particular point पर temperature पता करने के लिए उपयोग होता है. दूसरे शब्दों में कहे तो यह एक type का sensor है जो temperature को electric current या EMF के form में measure करता है.

Thermocouple में दो wires होते हैं जो अलग अलग metal के होते हैं जो ends पर एक साथ welded होते हैं. यही welded portion एक junction बनाता है जहाँ पर temperature measure किया जाता है. Wire के temperature में अगर variation होता है तो voltage induce होता है. फिर इसी voltage को हम thermocouple reference table की मदद से interpret कर सकते हैं और temperature calculate कर सकते हैं. अब हम thermocouple का working principle पढेंगे.

 Working Principle of Thermocouple:

Thermocouple का working principle तीन effects पर depend करता है.

See back Effect– See back effect दो अलग अलग metal के बीच में occur होता है. जब किसी भी एक metal में heat provide किया जाता है तो electrons hot metal से cold metal की तरफ flow करने लगते हैं. इसलिए circuit में direct current induce होता है.

thermocouple

Short में देखा जाए तो यह एक phenomenon है जहाँ दो अलग अलग metals के बीच में temperature difference होने के कारण उनके बीच में potential difference induce होता है. See beck effect per Kelvin of temperature के लिए small voltage produce करता है.

Image result for thermocouple

Peltier effect- Peltier effect seebeck effect का inverse होता है. Peltier effect यह state करता है की किसी भी दो different conductors के बीच में हम potential difference apply कर temperature difference create कर सकते हैं.

Thompson effect- Thompson effect यह state करता है की जब भी दो dissimilar metals को साथ में join किया जाए और अगर ये दो जंक्शन बनाते हैं तो temperature gradient के कारण voltage conductor के entire length पर induce होता है. Temperature gradient एक physical term है जो किसी भी particular location पर temperature के rate of change और direction को दिखाता है.

Image result for thermocouple

 Thermocouple का construction:

Thermocouple में दो dissimilar metals होते हैं. ये metals को junction point पर एक साथ weld किया जाता है. यह junction measuring point है. यह junction point तीन types में categories होता है.

  1. Ungrounded junction – ungrounded junction में, conductors protective sheath से पूरी तरह isolated होते हैं. यह high-pressure application works के लिए उपयोग होता है. इस type के junction का इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की यह stray magnetic field के effect को reduce करता है.
  2. Grounded junction– इस type के junction में metals और protective sheath दोनों साथ में welded होते हैं. Grounded junction का इस्तेमाल corrosive environment में temperature measure करने के लिए होता है. यह junction noise को resistance provide करता है.
  3. Exposed junction– इस type का junction उन जगहों पर use होता है जहाँ fast response की ज़रुरत होती है. यह exposed junction gas का temperature measure करने के लिए उपयोग होता है.

 Thermocouple Output का measurement:

Thermocouple से जो output EMF obtained होता है वो हम following methods से measure होता है.

  1. Multimeter-यह thermocouple का output EMF measure करने का सबसे simple तरीका है. Multimeter thermocouple के cold junction से connected होता है. Multimeter pointer का deflection meter के through जो current flow हो रहा होता है उसके equal होता है.
  2. Potentiometer– Thermocouple का output हम DC potentiometer की मदद से भी हम measure कर सकते हैं.
  3. Amplifier with output devices– Thermocouple से जो output मिलता है उसे हम amplifier के through amplify करते हैं और फिर उसे recording या indicating instrument को feed करते हैं.

 Thermocouple की working:

दोस्तों अब हम thermocouple का working देखेंगे. हम thermocouple की working नीचे दिए हुए figure से जानते हैं.

image of thermocouple circuit

Thermocouple की circuit उपर के figure में दी गयी है. इस circuit में दो dissimilar metals होते हैं. इन दोनों metals को एक साथ कुछ इस तरह से join किया गया है की वो join होने के बाद दो junction बनाते हैं. ये metals junction से welding से wounded हैं.

मान लीजिये की P और Q thermocouples के दो junction हैं. T1 और T2 junctions पर temperature है. जैसा की हम जानते है की दोनों junction पर अलग अलग temperature measure किए जाते हैं. इसी कारण से circuit में EMF generate होता है.

अगर दोनों junction पर temperature एक दूसरे से equal हो जाते हैं तो circuit में दोनों junction पर equal और opposite EMF generate होता है और circuit में zero current flow होता है. अगर junction पर unequal temperatures हो जाता है तो circuit में potential difference induce होता है. Circuit में जो EMF induce होता है तो उसका magnitude इस पर depend करता है की हमने thermocouple को बनाने में कौन सा material इस्तेमाल किया है. Circuit में total current कितना flow हो रहा है हम use measuring device से measure कर सकते हैं. Measuring device के बारे में उपर लिखा हुआ है.

Thermocouple circuit में induce EMF को हम नीचे दिए हुए equation से represent कर सकते हैं:

2019-01-04_19h44_11.png

जहाँ Δθ – hot thermocouple junction और reference thermocouple के बीच का temperature difference है. a, b ये दोनों constants हैं. Types ऑफ़ thermocouple हम अगले आर्टिकल में पढेंगे.

 Thermocouple के advantages :

  1. Thermocouple के advantages नीचे दिए गए हैं:
  2. Thermocouple बाकि के temperature measuring devices से cheap है.
  3. Thermocouple के पास fast response time होता है.
  4. Thermocouple के पास wide temperature range होता है.

 Thermocouples के disadvantages:

  1. Thermocouple के पास low accuracy होती है.
  2. Thermocouple का recalibration करना बहुत मुश्किल है.

 Special Limits of Errors(SLE) क्या है?

Special Limits of Error:  ये सभी thermocouples higher grade of thermocouple wire से बनाए जाते हैं, जिसके कारण इनकी accuracy increase हो जाती है. ये standard thermocouple से ज्यादा costly होते हैं.

Standard Limits of Error: ये thermocouples standard thermocouple grade wire से बनते हैं. ये less expensive एयर ज्यादा common होते हैं.

 M.I. Cable क्या है

M.I.(Mineral insulated) cable का उपयोग thermocouple wires को एक दूसरे से insulate करने के लिए और metal sheath जो thermocouple को surround करता है उससे insulate करने के लिए उपयोग होता है. MI cable के पास दो( या चार जब duplex) thermocouple wires होते है जो tube के middle से run होता है. Tube को फिर magnesium oxide powder से fill किया जाता है और फिर उसे compact किया जाता है ताकि wires properly insulated और separated रहे. MI cable thermocouple wire को corrosion और electrical interference से protect करने में मदद करता है.

Image result for thermocouple

 System Error क्या है

System error को temperature sensor(thermocouple) की accuracy और meter की accuracy जो voltage signal को एक साथ read करता है उन दोनों को add करके calculate किया जाता है ताकि voltage signal को एक साथ read करता. Example के लिए- Type K thermocouple की accuracy +/- 2.2C above 0C है. तो मान लीजिये meter की accuracy +/- 1C है. इसका मतलब total system error +/-3.3C above 0C है.

उम्मीद है आपको यह article पसंद आया होगा और आपको तीनों sensor के बारे में information हो गयी होगी. Types ऑफ़ thermocouples हम अगले आर्टिकल में पढेंगे.

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