Thermistor (थर्मिस्टर) क्या है और कैसे काम करता है.

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दोस्तों electronic column में आप सभी का स्वागत है. यह article temperature sensor के बारे में है. हमारे electronic column में temperature sensor RTD के बारे में पहले से ही लिखा हुआ है. इसलिए आज हम एक और temperature sensor के बारे में पढेंगे. जी हाँ आज हम thermistor पर चर्चा करेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं.

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Thermistor kya hai
Thermistor kya hai

 क्या है Thermistor

Thermistor एक solid state temperature sensing device है ,जो electrical resistor की तरह काम करता है लेकिन यह temperature sensitive है. जब भी temperature में change होता है तो thermistor की resistance में भी change होता है. Thermistor का इस्तेमाल हम ambient temperature में variation कर  analog output voltage produce करने के लिए भी कर सकते हैं जिसे हम transducer भी कहते हैं. यह इसलिए भी है क्युकि यह heat में physical change होने के कारण यह thermistor के electrical properties में change लेकर आता है. Thermistor resistance temerature detector (RTD) से ज्यादा sensitive होता है.

 Thermistor कैसे काम करता है?

Thermistor basically एक two-terminal solid state, thermally sensitive transducer है जो sensitive semiconductor based metal oxides से बनता है. और इसके साथ metallised या sintered connecting leads जो ceramic disc या bead के उपर होता है, इन सभी के combination से thermistor का निर्माण होता है. Thermistor का base material metallic oxides का mixture होता है जैसे manganese, nickel, cobalt, copper इत्यादि. इसके कारण temperature में small changes होने पर भी उसकी resistive value में change हो जाता है. सीधे शब्दों में कहे तो जैसे ही temperature change होगा वैसे ही resistor की resistance की value change होगी इसलिए इसका नाम “Thermistor” है जो THERM-ally sensitive res-ISTOR के combination से बना है.

जहाँ heat के कारण standard resistors में  resistance का change होना generally undesirable होता है, वहीँ हम इस effect को बहुत सारी temperature detection circuits में इसका अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं. अत: non-linear variable-resistance devices, thermistors का commonly temperature sensor की तरह होता है जो liquid और ambient air दोनों का temperature measure करता है.

Thermistor कंस्ट्रक्शन 

यही नहीं, solid state device होने के कारण जो highly sensitive metal oxides से बना है, यह molecular level पर operate होता है जिसमे outermost (valence) electrons ज्यादा active होता है और यह negative temperature coefficient produce करता है, या फिर यह कहे की यह  positive temperature coefficient को produce करने में less active है जब भी thermistor का temperature बढता है. Negative temperature coefficient of resistance का मतलब है की thermistor का resistance temperature increase होने पर decrease होता है. Thermistors के पास reproducible resistance verses temperature characteristics बहुत अच्छा है जिसके कारण वो 200 degree C तक operate हो सकते हैं. Thermistor का resistance 0.5 ohm से 75 mega ohm तक का range cover कर सकता है.

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 Thermistor as current-limiting devices

जहाँ हम thermistors का primary use resistive temperature sensors है लेकिन यह resistive device भी है जो resistor family को belong करता है इसलिए इसे component के साथ series में इस्तेमाल करते हैं ताकि यह current को control कर सके जो उस device में flow करता है. इसलिए इसे हम current-limiting devices की तरह उपयोग करते हैं.

 Types of Thermistors

Thermistors market में types, materials और sizes के range में बहुत सारे products available है. यह products response time और operating temperature पर depend करता है. यही नहीं hermetically sealed thermistors resistance readings में error  reduce करता है. यह error moisture penetration के कारण उत्पन होता है और इसे eliminate करने के लिए high operating temperatures और compact size का use होता है. Thermistors के तीन common types:

  1. Bead Thermistors
  2. Disk thermistors
  3. Glass encapsulated thermistors

यह heat-dependent resistors दो तरीके से operate होता है, या तो उसकी resistive value temperature के change होने पर increase हो सकती है या decrease हो सकती है. दो type के thermistor available हैं:

  1. Negative temerature coefficient(NTC)
  2. Positive temperature coefficient(PTC)

Negative Temperature Coefficient Thermistor:

Thermistors के resistance का negative temperature coefficient या short में कहे तो NTC thermistor, यह resistive values को reduce या decrease करती है, जब भी thermistor के पास का operating temperature increase होता है. अधिकतर हम NTC thermistor को temperature sensors की तरह ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.

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NTC temperature thermistors के पास negative electrical resistance versus temperature (R/T) relationship होता है. NTC thermistor का large negative response का मतलब यह है की temperature में छोटे से change पर भी electrical resistance में significant change दिखता है. इसलिए यह accurate temperature measurement और control के लिए ideal है.

Thermistor kya hai | NTC bead

जैसा की हमने पहले कहा है की thermistor एक electronic component है जिसका resistance temperature पर highly dependent है इसलिए अगर हम thermistor के through constant current send करते है और अगर हम voltage drop उसके across measure करते हैं तो हम उसका resistance और temperature determine कर सकते हैं.

NTC thermistors temperature के increase होने पर resistance में reduction हो जाता है और ये variety of base resistances और curves में available है. ये room temperature पर जो base resistance होता है उससे characterised होता है. Temperature-25oC, (77oF) यह convenient reference point है. Example के लिए जैसे- 2k2 Ω- 25oC पर, 10 kΩ- 25oC पर या 47 kΩ – 25oC पर, इत्यादि.

दूसरा important characteristics “B” value है. B value एक material constant है जो ceramic material की मदद से determine होता है जिससे यह material बना हुआ है. यह resistive(R/T) curve जो दो temperature points के बीच में एक particular temperature range के उपर होता है उसके gradient को describe करता है. प्रत्येक thermistor material के पास different material constant होता है और इसलिए different resistance versus temperature curve होता है. तब जाकर B value thermistors के resistive value को first temperature या base point पर define करता है, जो की usually 25 degree C होता है. इसे हम T1 कहते है और thermistors का second temperature point पर resistive value जैसे 100oC इसे हम T2 कहते है. इसलिए B value thermistors material constant को T1 और T2 के range में define करता है. BT1/T2 या B25/100 के साथ  Typical NTC thermistor के B values कहीं भी दिया होता है तो वो लगभग 3000 से 5000 के बीच में होता है.

हालाँकि नोट करे की दोनों temperature points T1 और T2 kelvin के temperature unit में calculate किया गया है. जहाँ 00C = 273.15 Kelvin है. अत: 25oC = 25o + 273.15 = 298.15K, और 100oC =100o + 273.15 = 373.15K, इत्यादि

अगर हमे particular thermistor का B value पता हो तो graph बना सकते है:

Note: PTC thermistor (positive thermal coefficient) इस type के भी thermistor भी available है जहाँ temperature increase होने पर resistance भी increase होती है. पर ये rarely use होता है.

Thermistor Equation

2019-01-04_14h14_10.pngजहाँ:

  • T1 first temperature point है जो Kelvin में है.
  • T2 second temperature point है जो Kelvin में है.
  • R1 thermistors resistance है जो temperature T1 पर Ohms में है.
  • R2 thermistors resistance है जो temperature T2 पर Ohms में है

Thermistor का साइज़ :

  • Market में thermistors के different shapes और sizes available हैं. छोटे thermistors beads के form में होते हैं जिसका diameter 15 millimeters से 1.5 millimeters तक होता है. Thermistors disks और washers के form में होते हैं जो की thermistor material को under high pressure में press करके बनाया जाता है. यह flat cylindrical shapes में भी होते है जिसका diameter 3 millimeters से 25 millimeters के range में होता है.

Thermistors के applications:

  • Thermistors का इस्तेमाल हम temperature की measurement के लिए होता है क्युकि temperature में change होने के कारण उसकी resistance में change होता है. यह किसी भी circuit में temperature को control करने के लिए इस्तेमाल होता है.
  • Arduino के साथ टेम्परेचर measurement से रिलेटेड प्रोजेक्ट्स में ये काफी इस्तेमाल होता है.
    thermis
  • Thermal compensation – यह किसी भी circuit में temperature compensation के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. Example के लिए- किसी circuit में simple carbon resistor को positive thermal coefficient के साथ connect किया जाता है. और अगर carbon resistor के resistance को temperature से unaffected रखना हो तो thermistor को उसके series में connect करना पड़ता है जिसके पास negative thermal coefficient होता है.  इसलिए resistor के temperature resistance में rise होना और thermistor के resistance में decrease होना यह दोनों same amount से increase और decrease होते हैं क्युकि thermal coefficients के magnitude same होते हैं. इसलिए जब resistor और thermistor दोनों series में होंगे तो net resistance same होता है. हम thermistors को electrical materials के thermal conductivity को measure करने में इस्तेमाल करते हैं.

thermistor application

उम्मीद है आपको यह article meaningful लगा होगा और आपको thermistor के बारे में काफी information मिला होगा.

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