RTD ( आर टी डी ) क्या है और कैसे काम करता है .

1
1947
Photo by Pixabay on Pexels.com

 

Resistance temperature detector (RTD)

Resistance temperature detector  एक device है जिसे temperature (तापमान) sensor कहा जाता है. इस device का उपयोग temperature (तापमान ) पता करने में किया जाता है . RTD तापमान का पता शुद्ध electrical wire(तार) के resistance के अनुमान करके लगाता है .RTD का तार शुद्ध पदार्थ से बनाया जाता है जैसे Platinum,Nickel,copper(ताम्र ). ये पदार्थ जो तापमान , resistance में दिखाता है वह बहुत ही linear (रैखिक) होता होता है .RTD की accuarcy तथा repeatability सबसे बढ़िया होती  है .इसी कारण industries में जहा 600θC के कम तापमान का अनुमान लगाना होता है वहा इसका प्रचलन ज्यादा है .

Also Read: Diode क्या होता है और कैसे काम करता है

Also Read: Voltmeter क्या है? Types | working | Applications |

Also Read: 555 Timer क्या है? Working और Applications

RTD kya hai aur kaise kaam karta hai
RTD : Resistance Temperature Detector

Principle of operation: (कार्य –सिधांत)

Resistance temperature detector इस आधार पर काम करता है की पदार्थ का electrical resistance तापमान बढाने पर linearly  और repeatable manner में बढ़ता है. RTD का principle है –

positive temperature coefficient (resistance तापमान के बढ़ने पे बढ़ता है ). एक electrical circuit जिसका बनावट तापमान RTD से  मापने के लिए बनाया जाता है वो दरअसल  RTD में हो रहे resistance के बदलाव को मापता है जो बाद में कैलकुलेट करके तापमान के बदलाव को दिखाता है .

RTD kya hai
RTD kya hai

Sensitivity:

RTD की sensitivity का अनुमान  उसके पदार्थ के α0 यानी linear fractional change (बदलाव) में resistance का बदलाव तापमान के  साथ होता है  .Platinum का α0 0.004/θC  और nickel का 0.००5/ θC होता है .

इसका मतलब यह हुआ की 0.4Ω के बदलाव में 100Ω हो जाता है अगर हम 1 θC का बदलाव करे तो .

Response Time:

RTD का response time  0.5 से 5 सेकंड्स तक होता है. इसकी response की slowness का कारण thermal conductivity की slowness उस device को thermal equilibruim  उसके आस पास के प्रकृति में लाने में होता है. दरसल ये constant “free air condition” या  “oil bath” के अनुरूप है.

RTD BRIDGE CIRCUIT OPERATION:

RTD मुख्य: रूप से दो तरह के bridge circuit का उपयोग करता है.

Two wire RTD bridge circuit:

इस चित्र में Rlead वह resistance को दर्शता है जो bridge से RTD तक (lead wire ) का उपयोग कर गया है. हालाँकि lead का resistance हमेशा सामन ही होता है तो समस्या नहीं है. लेकिन फिर भी कुछ हिस्सा lead wire का तापमान के बदलाव में छूट है, जिससे पदार्थ का resistance तापमान के बदलने से बदल जाता है . इसलिए Rlead का तापमान बदलने पे बाल जाता है . जिससे error की मापने में समस्या आती है और यहाँ तो दो lead wire है जो error को दोगुना करता है.

इसकी समस्या को हाटाने के लिए हम three(तीन) wire RTD bridge circuit का उपयोग करते हैं .

Three wire RTD bridge circuit:

इस circuit में wheatstone bridge का एक ही resistor RTD से बदला जाता है. लेकिन एक और lead wire R2 के पैर के bridge के साथ भी जोड़ा दिया जाता है . चलिए इस circuit को देखते है :R1=R4 , R2=R3,जब bridge बैलेंस होता है ,

V0= Vs*(R3R1 –R4R2)/(R2 +R3)(R1 +R4)

RTD kya hai
3 wire type rtd

R3 और R2 का उल्टा चिह्न है . तो अगर leg 2  में lead wire का resistance और leg 3 में lead wire का resistance समान है,तो lead resistance अपने आप में ही कट जाते है ताकि net output voltage में effect में जीरो होता है.अंत में error नहीं आता है.

 

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here