Optical Fiber (ऑप्टिकल फाइबर) क्या है? | Types, Principle & Working |

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दोस्तों स्वागत आप सभी का electronics column में. आज हम इस column में एक ऐसे topic पर बात करेंगे जिसने communication के field में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं optical fibre की जो signals का transmission बहुत speed से करता है. इसका प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. तो चलिए इसके बारे में हम पढ़ते हैं. हम यहाँ optical fibre का introduction, history, working, उसके types और उसके उपयोग के बारे में पढेंगे.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber: Backbone of today’s communication

Introduction:

Fibre optics या optical fibre. ये medium या technology को refer करता है जिसके द्वारा हम data, voice, और images को light के passage से transmit करते हैं जो thin, transparent fibres के through जाता है. Telecommunications में, fibre optic की technology ने long-distance telephone lines में copper को virtually replace कर दिया है, और अभी तो यह local area network के अन्दर computers को भी link करने का काम तक करता है. Fiber optic cable में varying number के glass fibers होते है. इस glass fibre core को एक और glass layer surround करता है जिसे हम cladding कहते हैं. एक और layer होती है जिसे हम buffer tube कहते है जो cladding को protect करती है और एक jacket layer होती है जो individual strand के final protective layer का काम करता है.

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Interesting History:

Fibre optics का basic medium hair-thin जैसा fibre है जो कभी कभी plastic से बनाया जाता है पर ज़्यादातर glass से बनता है. एक typical glass optical fibre का diameter 125 micrometer होता है. यह actually में cladding या outer reflecting layer का diameter होता है. Core या inner transmitting cylinder का diameter लगभग 10 micrometer होता है. Attenuation ( सिग्नल loss) की degree एक fixed distance में light के wavelength और fibre के composition पर depend करता है.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber

जब core/cladding के लिए glass fibres 1950s में introduce किया गया था तो impurities present होने के कारण short length के लिए fibre का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था.  फिर 1966 में, England में कर रहे हैं दो electrical engineers Charles Kao और George Hockham ने इस fibre को telecommunication में उपयोग करने का suggestion दिया. दो decade के अन्दर purity में improvement करने के बाद  silica glass fibres produce होने लग गए और infrared light signals 100 km तक के लिए travel की capacity का wire आ चुका था. Signals उससे भी ज्यादा distance के लिए repeater की मदद से travel करवा सकते थे. 2009 में Kao को physics में उनके काम के लिए nobel prize मिला था. Plastic fibres जो usually polymethylmethacrylate, polystyrene या polycarbonate से बनाये जाते हैं. इसका production कम price में हो जाता है और ये glass fibres से ज्यादा flexible होते हैं लेकिन इसका light के लिए attenuation बहुत छोटे links में इस्तेमाल के लिए बाधित करता है.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber construction

कैसे काम करता है optical fiber

 Fibre optics में data light particles या photons के form में transmit होती है. Glass fiber के core और cladding दोनों के refractive index अलग होते हैं और वो incoming light को एक certain angle पर bend करता है. जब light signals fibre optic cable में send किया जाता है तो वह core और cladding के surface से reflect हो कर zig-zag bounces की series में travel करते हैं. ये path total internal reflection के कारण होता है.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber Design | Internal

ये Light signals light की speed से travel नहीं करती है क्युकि glass layers बहुत dense होती है. ये signals light की speed से 30% slow चलती है. Signal को उसकी journey में renew, या boost करने के लिए fibre optics transmission को repeaters की ज़रुरत पड़ती है. इसे कुछ distant intervals पर  रखा जाता है ताकि ये optical signal को electrical signal में convert कर regenerate कर सके और वापस उसे process कर optical signal में retransmit कर सके. दोस्तों अब हम optical fibres के type के बारे में पढेंगे. तो शुरू करते हैं.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber, total internal reflection

Fibre optical cables के types:

Multimode fiber और single-mode fibre fibre optic cable के दो primary types होते हैं.

Single-mode fiber

long distance के लिए इस्तेमाल होता है, क्युकि उसका glass fiber core का diameter बहुत छोटा होता है. इसकी वजह से attenuation की possibility कम हो जाती है मतलब signal की strength बरक़रार रहती है. Fibre का small opening light को single beam में isolate करता है जिससे direct route offer होता है और signal को longer distance के लिए travel करने में मदद करता है. Single mode fiber का bandwidth भी mutimode से ज्यादा होता है. Single-mode fiber के लिए जो light source होता है वो laser होता है.  ये fibre ज्यादा expensive होता है क्युकि laser light को smaller opening में produce कराने के लिए precise calculation चाहिए.

Multimode fiber

shorter distance के लिए इस्तेमाल होता है क्युकि core की larger opening होने के कारण light signals रास्ते में bounce और reflect हो जाते हैं. Larger diameter होने के कारण एक time पर हम multiple light signals एक ही cable में send कर सकते हैं जिसका यह फयदा है की data transmission ज्यादा होता है. लेकिन इसकी वजह से signal loss, reduction या interference की possibility बढ़ जाती है. Multimode fiber को LED की तरह light pulse create करने के लिए इस्तेमाल होता है.

Optical Fiber kya hai | Types, Principle & Working |
Optical Fiber Applications

Applications ऑफ़ optical fiber

हालाँकि telecommunication, networking और cable connections के लिए सालो से copper wire cables ही traditional choice है. लेकिन अब fibre optics एक common alternative की तरह उभर रहा है. अब ज़्यादातर telephone company long distance lines के लिए fiber optic cable का इस्तेमाल कर रही हैं. Optical fiber conventional copper wire से ज्यादा information carry करती हैं  क्युकि इस wire की ज्यादा bandwidth होती है और data transmit भी faster speed से होता है. जैसा की हम जानते है की glass electricity conduct नहीं करता है इसलिए fiber optics भी electromagnetic interference से affect नहीं होता है और signal losses भी कम होती है.

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यही नहीं fiber optic cables water में भी submerge हो सकता है उसे at-risk environment जैसे undersea cable की तरह भी इस्तेमाल कर सकते थे. Copper wire cables की तुलना में ये wires stronger, thinner और lighter भी होते हैं और इसे बार बार maintenance और repair की ज़रुरत नहीं होती है. Glass fiber को outer cable के अन्दर ज्यादा protection की ज़रुरत होती है .

Fiber optics के uses:

1.   Fibre optic का common use computer networking में किया जाता है क्युकि ये data की आसानी से transmit करता है इसकी bandwidth भी high होती है. ठीक वैसे ही, fibre optics का frequently use broadcasting और electronics में होता है ताकि better connections और performance provide किया जाए सके.

2.   Military और space industries भी communication और signal transfer के लिए optical fibre का इस्तेमाल करती है. ये cables temperature sensing की ability भी provide करते हैं. Fibre optic cable इसलिए भी beneficial है क्युकि ये weight में lighter और size में small होता है.

3.   Fibre optics का मेडिकल instrument में precise illumination के लिए भी frequent use होता है. क्युकि optical fibre electromagnetic interference से affect नहीं होता है इसलिए इसे various tests जैसे MRI scans में इस्तेमाल होता है. दूसरा मेडिकल application fibre optics का यह सब भो है-X-ray imaging, endoscopy, light therapy और surgical microscopy.

4.   Endoscopy में fibrescope inspection के लिए भी optical fibre का इस्तेमाल होता है क्युकि ये procedures visible wavelength में conduct किजाती है. एक bundle का fibre examined area को illuminate करने के लिए उपयोग किया जाता है और दूसरा bundle elongated lens का काम करता है ताकि image को human eye या video camera को transmit कर सके.

उम्मीद है आपको ये article से कुछ ज्ञान ज़रूर प्राप्त हुआ होगा. इसे like करना न भूले.



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