Logic Gates (लाजिक गेट) क्या हैं ? All Basics !!


पिछले article में आप सभी ने boolean operators के बारे में पढ़ा और अब हम थोड़ा आगे जाते हैं. तो अब हम logic gates के बारे में पढेंगे.

यहाँ पढ़ें: Boolian Algebra क्या है ? All Basics !

Basic logic gates:

जब Shannon ने boolean algebra को टेलीफोन switching circuit में apply किया तो engineers को ये realize हुआ की boolean algebra को computer electronics में भी उपयोग करते हैं. Computer में ये boolean operation logic gates के द्वारा होता होता है.

Logic gate क्या है?

Gate एक basic electronic circuit है जो एक या उससे ज्यादा signals पर operate होते हैं और output signal produce करते हैं. Gate डिजिटल circuit है क्युकि input और output signals या तो low voltage (denotes 0) या high voltage (denotes 1) होते हैं.

Boolian Algebra
Boolian Algebra

Logic gates तीन प्रकार के होते हैं:

  • Inverter(NOT gate)
  • OR gate
  • AND gate

Inverter (NOT gate):

Inverter gate में एक ही input signal है और एक ही output signal है. Output state हमेशा input state से opposite होती है.

Truth table for NOT gate:

X Y
High Low
Low High

 

X Y
0 1
1 0

OR gate :

OR gate में दो या उससे ज्यादा input signal होते हैं पर एक ही output signal होता है. अगर कोई एक भी input signal high है तो output signal भी high होगा. अगर सभी input 0 होंगे तो ही output 0 होगा.

Truth table:

ये दो input के लिए है:

X Y F
0 0 0
0 1 1
1 0 1
1 1 1

नीचे का truth table तीन input के लिए हैं:

X Y Z F
0 0 0 0
0 0 1 1
0 1 0 1
0 1 1 1
1 0 0 1
1 0 1 1
1 1 0 1
1 1 1 1

OR gate का symbol:

Image result for or gate


AND gate:

AND gate में दो या उससे ज्यादा input signal होते हैं पर एक ही output signal होता है. अगर कोई एक भी input signal low है तो output signal भी low होगा. अगर सभी input 1 होंगे तो ही output 1 होगा.

Truth table:

ये दो input के लिए है:

X Y F
0 0 0
0 1 0
1 0 0
1 1 1

नीचे का truth table तीन input के लिए हैं:

X Y Z F
0 0 0 0
0 0 1 0
0 1 0 0
0 1 1 0
1 0 0 0
1 0 1 0
1 1 0 0
1 1 1 1

AND gate का symbol :

Image result for AND gate


Boolean algebra का basic postulates:

Boolean algebra जो mathematics के system का हिस्सा है उनके भी कुछ fundamental laws होते है जो workable, cohesive framework बनाने के लिए use होता है. और उसके basis पर theorem बनते हैं.

Postulates boolean algebra के basic relation को state करता है जो नीचे दिए हुए हैं:

1.अगर X !=0 तो X=1 होगा; अगर X!=1 तो X=0

2.OR relations (logical addition)

a. 0+0=0

b. 0+1=1

c. 1+0=1

d. 1+1=1

3. AND relation

a. 0.0=0

b. 0.1=0

c. 1.0=0

d. 1.1=1


Duality of principle:

यह ये state करता है की अगर हम किसी एक boolean relation से शुरू करते हैं तो दूसरा boolean relation को हम नीचे दिए हुए process से derive कर सकते हैं:

यहाँ पढ़ें: Boolian Algebra क्या है ? All Basics !

  1. प्रत्येक OR sign(+) को AND sign(.) में change करे.
  2. प्रत्येक AND sign(.) को OR sign(+) में change करे.
  3. प्रत्येक 0 को 1 से और 1 को 0 से replace करे.
जैसे: 0+0=0, इसका dual 1.1=1

0+1=1, इसका dual=1.0=0

Boolean algebra के basic theorem:

  1. 0 और 1 की properties
    • 0+X=X
    • 1+X=1
    • X=0
    • X=X
  2. Indempotence law:
    • X+X=X
    • X=X
  3. Involution law:

(X’)=X

इसे हम double-inversion rule भी कहते हैं.

  1. Complementarity law:
    • X+X=1 ये Tautology है.
    • X=0 ये Fallacy है.
  2. Commutative law:
    • X+Y=Y+X
    • Y=Y.X
  3. Associative law:
    • X+(Y+Z)=(X+Y)+Z
    • X(YZ)=(XY)Z
  4. Distributive law:
    • X(Y+Z)=XY+XZ
    • X+YZ=(X+Y)(X+Z)
  5. Absorption law:
    • X+XY=X
    • X*(X+Y)=X
  6. 3RD distributive law:
    • X+X’Y=X+Y

दोस्तों ये सारे laws का use करके boolean expression को reduce करते हैं. इसके आगे हम कुछ और logic gates को देखते हैं.

Preeti

Preeti is pursuing her engineering under electronics engineering program. She always crave to learn the technology specially which touches the newfangled part. She has a bad habit of entering into the world of programming languages. She is still trying to be a developer and in her free time she is wordsmith to write her imaginations.

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