Level Senor in Hindi : लेवल सेंसर क्या है ?

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दोस्तों मैं आप सभी का electronic column के इस नए article में स्वागत करती हूँ. आज का topic sensor पर ही है. लेकिन आज हम Level sensor की बात करेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं. 

LEVEL SENSOR क्या है?

आज market में बहुत सारे sensors available है और ये सभी sensors application पर classify होते हैं. जो sensor humidity को measure करने का काम करता है वो humidity sensor होता है और जो pressure को measure करता है उसे pressure sensor कहते हैं. ठीक वैसे ही fluid levels का measurement करने वाला sensor, level sensor कहलाता है.2019-01-14_23h14_08.png

अपने नाम की तरह ही level sensors का उपयोग free flowing substances को measure करने का काम करता है. Substances जैसे water, oil, slurries, solids में granular/powder form ये सभी को level sensors measure कर सकता हैं. Level sensors open या closed system में जिसमे में fluid flow होता है वो उसे measure करता है. Liquids जिसे sense करना हमारे लिए सदियों से ही challenging रहा है जैसे soap जिसमे bubbles या foam हो, milk, या sticky materials जैसे ink और glue अब ये आसानी से level sensors की मदद से measure किया जा सकता है. इस article में different types of level sensors के बारे में पढेंगे.

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Level sensors को अलग अलग basis पर classify किया जाता है. तो हम प्रत्येक basis पर level sensors के classification पढेंगे.

CLASSIFICATION-BASED ON SENSING POINTS

जहाँ पर fluid (या fluidic solids ) का presence होता है और वहाँ पर जब level sensors sense करता है और वो number of location points पर depend करता है.

  1. Single point level sensors: यह sensors तब इस्तेमाल किया जाता है जब fluid का level सिर्फ single location पर sense करना पड़े.
  2. Multiple point level sensors: यह sensors तब इस्तेमाल होगा जब fluid level को number of location पर sense करना पड़े.
  3. Continuous level sensors– यह sensors का उपयोग तब होता है जब fluid का level सभी location पर sense करने का काम करे.

CLASSFICATION-BASED ON SENSING PRINCIPLES:

Liquids, fluidic solids, slurries, etc इन्हें measure करने के लिए wide variety of sensing principles का उपयोग किया जाता है. नीचे दिए गए sensors principles के basis पर explain किए गए हैं.

Float level sensors:

इन सभी sensors में liquid surface के साथ float move होते रहता है. Float core से spring के द्वारा connected रहता है. एक magnetic reed switch hermetically sealed core में mounted होता है और core float movement के साथ stem के inside move होता है. Stem powerful magnets से encircle होता है. जैसे जैसे float liquid level के साथ rise या lower होता है वैसे ही reed switch भी operate होता है क्युकि magnets magnetic field generate करता है.

इस sensors का design stem और core को stationary रख कर और magnets को movable parts का part बना कर भी किया जा सकता है. Multipoint level sensors के लिए multiple magnets/ multiple reed switches (design पर depend) का इस्तेमाल होता है.

Sensors का principle (float जो liquid level के साथ होता है) dial gauges के साथ couple किया जा सकता है. Buoyancy का इस्तेमाल कर हम Visual liquid level sensors बना सकते हैं.

Resistive level sensors: .

Fuel level sensing में variable resistors का widely इस्तेमाल होता है. एक wiper float के साथ lever arm के साथ connected होता है जो continuous resistive track के across move होती है. ये sensor potentiometric measuring principle पर काम करता है. Current को resistance के through flow कराया जाता है. Voltage भी resistance के across linearly drop होता है. इस resistance के across float से slider connected होता है. Voltage का output slider और resistance के end के बीच में connected होता है. इसलिए जब भी fluid levels vary होता है slider भी move होता है और voltage output उसके साथ vary होता है.

Resistive level sensors
Resistive level sensors

इस type के बहुत सारे variant liquid के conductivity को measure करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. Sensor electrode के through current pulses को भेजा जाता है, electrode टैंक या external tube से electrically insulated होता है. जब sensor electrode conductive liquid में immersed होता है तो electrical connection बनता है. यह electrical potential liquid level के proportional होता है और ये counter electrode या टैंक wall से measure किया जाता है. यह continuous filling level measurement के लिए इस्तेमाल होता है और यह electrically conductive liquid के लिए suitable है.

Capacitive Level Sensors:

जैसा की हम जानते हैं की capacitor के plates के बीच में जो overlapping area होता है, plates के बीच में distance और plates के बीच का dielectric इन सभी पर capacitance depend करता है. इन तीनों factor को vary करके हम useful capacitive sensor design कर सकते हैं.

Capacitive Level Sensors
Capacitive Level Sensors

Capacitive level sensors इसी principle पर काम करते हैं. ये sensors liquid levels जैसे slurries और aqueous liquid को measure करने के लिए उपयोग होता है. ये sensors levels check करने के लिए probe का इस्तेमाल करता है. ये level changes फिर analog signals में transform हो जाती है. ये probes generally conduction wire से बनाए जाते हैं और फिर PTFE insulation किया जाता है. परन्तु stainless steel probes बहुत ज्यादा responsive होता है और इसलिए ये non-conductive substances granular या materials को measure करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो low dielectric constant के साथ इस्तेमाल होता है.

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Pros और Cons:

  1. Solid state, compact, non-invasive, accurate
  2. ये सिर्फ certain liquid के लिए इस्तेमाल होता है.

Applications:

Tank level monitoring in chemical, water treatment, food, battery industries और high pressure और temperature condition में यह इस्तेमाल होता है.

Hall Based Level Sensors:

Hall based level sensors को various configuration में design किया जाता है. नीचे दिया हुआ figure rotating level sensor का है.

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एक linear hall sensor diametrically magnetised ring magnet के centre में रखा जाता है जो soft iron magnet से surrounded होता है और flux को guide करता है. Hall sensor सिर्फ magnetic field के vertical component को measure करता है. इसलिए जैसे ring lever के साथ move होता है वैसे ही magnetic field का component जो hall sensor measure करता है वो vary होता है. इसलिए hall sensor fluid के level का function होता है. Hall sensors का इस्तेमाल हम vertical float systems के लिए होता है.

Hall based sensors हमे good reliability, small dimensions, wide operating voltages offer करते हैं और ये relatively low costs में available है.

Ultrasonic Level Sensors:

Ultrasonic level instruments basic time-of-flight principle पर operate होता है जो sound waves का इस्तेमाल कर liquid/solid/slurries का level पता किया जाता है.

Ultrasonic level sensors में दो elements present होते हैं- एक high efficiency transducer और दूसरा associated electronic transreceiver. Transmitted ultrasonic pulse और reflected echo के बीच का complete return trip को measure कर fluid level determine किया जाता है. Ultrasonic methods की frequency range 15 से 200 KHz तक होता है. Lower frequency instrument difficult application के लिए इस्तेमाल होता है जैसे longer distances और solid level measurements. Higher frequency का इस्तेमाल shorter liquid level measurements के  लिए होता है.

Ultrasonic methods का frequency range 15-200KHz होता है. Lower frequency instruments difficult application के लिए उपयोग होता है जैसे longer distance और solid level measurement. Higher frequency का इस्तेमाल shorter level measurement के लिए होता है.

Pressure Level sensor:

Pressure को force per unit area define किया जाता है. Static fluid में किसी भी depth पर pressure liquid के weight और जो liquid के surface पर pressure होता है इन दोनों के sum के बराबर होता है. Level measurement के basis पर जो pressure measurement किया जाता है उसे hydrostatic tank gauging कहते हैं

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इसका principle यह है की दोनों pressure के बीच का difference liquid के (height*specific gravity) के बराबर होना चाहिए है.  इसलिए fluid container में bottom part में जो fluid होता है उसका pressure liquid के height के उपर depend करता है. और फिर जो measured hydrostatic pressure होता है और fluid के specific gravity को ध्यान में रखते हुए level measurement किया जाता है.

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Sensors को अलग अलग liquid के लिए calibrate करना पड़ता है क्युकि प्रत्येक liquid की specific gravity अलग होती है.


दोस्तों अब तक हमने अलग अलग principle पर अलग pressure sensors देखा है अब हम level switch के बारे में पढेंगे.

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