LDR kya hai ? Interfacing with Arduino

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हमारे चारो तरफ बहुत सारे ऐसे डिवाइसेज होते हैं जो कि लाइट के इंटेंसिटी को डिटेक्ट कर के काम करते हैं. Example के तौर पर अगर आप अपने मोबाइल फोन की बात करें तो आप क्या आपने कभी सोचा कि आपके फोन की ब्राइटनेस ऑटोमेटिक मोड कैसे कम लाइट में  खुद ब खुद कम हो जाती है और जब ambience लाइट काफी ज्यादा होती है या धूप होती है और जब आपको देखने में तकलीफ होती है तब आपका फोन कैसे अपने आप ब्राइटनेस को बढ़ा देता है? और इस तरह कम लाइट और ज्यादा लाइट में भी आप अपने फोन में क्लियर देख पाते हैं. ऐसा लाइट सेंसर होने की वजह से ही संभव हो पाता है. फोन में एक लाइट सेंसर होता है जो बाहर का illumination continuously मॉनिटर करता रहता है और एक प्रोग्राम के according  उसे कंट्रोल करता है. आज हम देखेंगे कि कैसे एक लाइट सेंसर काम करता है और कैसे हम इस सेंसर को Arduino के साथ कनेक्ट करके उसे इस्तेमाल कर सकते हैं. 


लाइट सेंसर क्या है ?

Sensor का काम है किसी भी physical quantity  को electrical quantity में कन्वर्ट करना ताकि हम उसे electronic form  में प्रोसेस कर पाए. इसी तरह लाइट सेंसर, लाइट की एनर्जी को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में कन्वर्ट करता है. अलग-अलग एप्लीकेशन के हिसाब से मार्केट में अलग-अलग तरह के लाइट सेंसर उपलब्ध है. पर सबसे जो simple और inexpensive  सॉल्यूशन है वह LDR.


LDR क्या है?

Light Dependent Resistor लाइट डिपेंडेंट रेजिस्टर जैसा कि नाम से क्लियर है एलडीआर पर जैसे-जैसे लाइट यानी illumination  का वेरिएशन होता है, वैसे वैसे एलडीआर अपना रेजिस्टेंस vary करता है. जब LDR पर illumination नहीं होता तो यह काफी ज्यादा रजिस्टेंस (MegaOhm) ऑफर करता है. जैसे-जैसे एलडीआर के ऊपर लाइट डाली जाती है इसका resistance  धीरे-धीरे घटने लगता है. एक सेंसर के लिए यही सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट बात है कि किसी भी इलेक्ट्रिकल क्वांटिटी का बदलाव होना. Resistance के बदलाव को हम अपने according configure करके अलग अलग एप्लीकेशन में इस्तेमाल कर सकते हैं.

LDR symbol, Courtsey: wikipedia.org

Construction & working

Snake like structure जो आप देख सकते हैं, वो कैडमियम सल्फाइड की एक फिल्म होती है जिसके ऊपर और नीचे metal film होती हैं और metal फिल्म से कांटेक्ट उठाए होते है. इस assembly  को एक क्लियर प्लास्टिक या resin के केस में रखते हैं ताकि इसके अंदर बाहरी लाइट आसानी से आ सके. जब लाइट नहीं होती है तो metal film contact के बीच रजिस्टेंस mega ohm में मिलता है जैसे ही एलडीआर के ऊपर illumination  होता है metal film contact के बीच का रजिस्टेंस कम होने लगता है.

LDR construction, Courtsey: wikipedia.org

Applications

  • camera light meters, 
  • clock radios, 
  • reflective smoke alarms, 
  • street lights, 
  • light beam alarms,
  • outdoor clocks.

Configuration with  Arduino

आइए देखते हैं कैसे हम एलडीआर को एक Arduino बोर्ड के साथ कॉन्फ़िगर कर सकते हैं इसके लिए आपको निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता पड़ेगी.

Hardware Required

  • Light Dependent Resistor (LDR) (1 no)
  • 100 KΩ Potentiometer (1 No)
  • Arduino UNO (1 No)
  • Connecting wires

Circuit Design

दिए गए  सर्किट के अनुसार एलडीआर और पोटेंशियोमीटर को कनेक्ट कर लीजिए. LDR के लाइट डिपेंडेंट वेरिएबल रेजिस्टेंस को analog output में कन्वर्ट करने के लिए हमें वोल्टेज डिवाइडर नेटवर्क की सहायता लेनी होगी.  वोल्टेज डिवाइडर सर्किट बनाने के लिए हमने १०० kilo ohm का पोटेंशियोमीटर का इस्तेमाल किया है, जो एलडीआर के साथ मिलकर वोल्टेज डिवाइडर सर्किट बनाएगा और हमें एनालॉग output देगा. इस वैल्यू को हम एक certain pin पर रीड करेंगे. आइये इसका कोड देखते हैं. 

Circuit Diagram, Courtsey: www.electronicshub.org

Code

int sensorPin = A0; // select the input pin for the potentiometer
//int ledPin = 13; // select the pin for the LED
int sensorValue = 0; // variable to store the value coming from the sensor

void setup() {
// declare the ledPin as an OUTPUT:
Serial.begin(9600);

pinMode(ledPin, OUTPUT);
pinMode(11,OUTPUT);
}
void loop()
{
sensorValue=analogRead(sensorPin);
if(sensorValue <= 14)
digitalWrite(11,HIGH);
else
digitalWrite(11,LOW);
Serial.println(sensorValue);
delay(2);
}

Working

  1. अपने बोर्ड को पीसी से कनेक्ट करने के बाद उसमें नीचे दिया गया कोड burn कर लेंगे और सर्किट के अनुसार पोटेंशियोमीटर और एलडीआर के कनेक्ट होने के बाद आपका प्रोजेक्ट काम करने के लिए तैयार है. जैसे ही एलडीआर के ऊपर लाइट अप्लाई डालेंगे उसका रजिस्टेंस कम होना शुरू हो जाएगा.
  2. हमने A0 पिन पर potentiometer का आउटपुट कनेक्ट किया है. अब जैसे जैसे ambience का illumination बदलेगा,  A0 पिन पर रीडिंग change होनी शुरू हो जाएगी. 
  3. उसके बाद हमने pin ११ पर आउटपुट कॉन्फ़िगर किया है. 
  4. इसके बाद एक लूप रन किया है जिसमे sensorValue में एनालॉग रीड होती रहेगी. और अगर यह एक वैल्यू एक certain वैल्यू से कम है तो pin ११ पर हाई और अगर कम है तो low आउटपुट मिलता रहेगा.

LDR से रिलेटेड Application / प्रोजेक्ट Ideas 

  • सोलर ट्रैकर
  •  burglar alarm systems
  • स्कूल LED प्रोजेक्ट
  • रोड लाइट ऑन एंड ऑफ
  • फ्रिज लाइट
  • Fire अलार्म
  • Flame चेकिंग इन गैस turbines

तो ये था LDR के बारे में शोर्ट में डिस्क्रिप्शन और उसका कॉन्फ़िगरेशन arduino के साथ. उम्मीद करते हैं की आपको आर्टिकल पसंद आया होगा. अगर हाँ तो हमे कमेंट सेक्शन में बताइए, मिलेंगे आपसे अगले आर्टिकल में, तब तक के लिए गुड बाय.

This article is inspired from https://www.electronicshub.org/ . If you wish to above content in English then you can please follow this link.

https://www.electronicshub.org/arduino-light-sensor/

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