Google AMP? GOOD or Bad? अपनी वेबसाइट को कैसे शिफ्ट करें?

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google amp

क्या आप भी चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट सुपर फास्ट ओपन हो?  तो उसके लिए आपके पास आज के समय  में एक ऑप्शन अवेलेबल है जिसका नाम है Google AMP. Google AMP की हेल्प से आप अपनी वेबसाइट पर आने वाले यूजर्स का एक्सपीरियंस और ट्राफिक significantly इंप्रूव कर सकते हैं. और अपनी वेबसाइट को lightning स्पीड के साथ लोड कर सकते हैं. चलिए जानने की कोशिश करते हैं क्या है Google AMP और आप कैसे अपनी वेबसाइट को गूगल AMP के लिए कॉन्फ़िगर कर सकते हैं.


Google AMP क्या है?

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Google AMP में AMP का मतलब है. Accelerated Mobile Page.  Accelerated Mobile Page  एक open source initiative हैं जो की कि Google और Twitter जैसे giants द्वारा सपोर्ट किया गया है. अब आप सोच रहें होंगे की सब कुछ तो मस्त चल रहा था तो इस प्रोजेक्ट की आवश्यकता क्यूँ पड़ी. वो इसलिए क्यूंकि पहले वेबसाइट्स नॉर्मली डेस्कटॉप के लिए डिजाईन होती थी. लेकिन जैसे जैसे मोबाइल यूजर्स की संख्या बढ़ी हैं और इन्टरनेट स्पीड तेज हुई हैं तब से मोबाइल ट्रैफिक डेस्कटॉप के comparison में बहुत ज्यादा बढ़ा हैं. लेकिन समस्या यह थी की अब भी मोबाइल यूजर्स को डेस्कटॉप यूजर्स वाला कंटेंट ही अवेलेबल हो पाता है जो कि थोडा सा uncomfortable होता है और बहुत सारी बिना काम की चीजें लोड होते हैं. मोबाइल की स्क्रीन पर डेस्कटॉप का content? ये तो बहुत नाइंसाफी है. इसका रिजल्ट यह होता है कि वेबसाइट काफी स्लो हो जाती हैं चाहे bloggers  और वेबसाइट owners वेबसाइट की स्पीड को तेज करने के लिए कुछ भी कर लें. 

इसके आलावा अभी के टाइम में एक बहुत इम्पोर्टेन्ट चीज है. यूजर्स एक्सपीरियंस. अगर आपके users को मजा नहीं आ रहा तो सब बेकार है. और आप मोबाइल users को जो की डेस्कटॉप users के comparison में बढ़ते ही जा रहे हैं, उन्हें आप डेस्कटॉप का content दिए जा रहे हैं. इसीलिए जन्म हुआ गूगल AMP का.

कैसे काम करता है गूगल AMP.

तो AMP यानी की Accelerated Mobile Page पर कम से कम, bare minimum यानी की जितनी जरूरत है सिर्फ उतनी HTML और जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल करता है. इससे नार्मल webpage की तुलना में काफी कम कोड बैकग्राउंड में रन होता है और आपकी वेबसाइट पर बहुत कम लोड आता है. इसके आलावा आपका content गूगल Cache पर स्टोर होता है और जब आप access करना चाहते हैं तो डायरेक्ट google cache से आपका webpage लोड हो जाता है और आपकी वेबसाइट instantly लोड हो जाती है. और आपके users बोलते हैं. वाह !

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देखा जाए तो यह काफी कुछ Facebook के इंस्टेंट आर्टिकल की तरह है जो की click करते ही खुल जाते हैं. लेकिन Facebook के इंस्टेंट आर्टिकल केवल Facebook के प्लेटफार्म तक ही सीमित है. लेकिन Accelerated Mobile Page मोबाइल पर किसी भी ऐप द्वारा, ब्राउज़र द्वारा द्वारा access किया जा सकता है.

अभी हाल में Google के अलावा Twitter और LinkedIn एक्सेलरेटेड मोबाइल पेज का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसा माना जाता है कि आने वाले समय में  Accelerated Mobile Page आपको और भी काफी विस्तृत रूप में देखने को मिलेंगे.

Google AMP के फायदे और नुकसान.

Positives: Search Engine Optimisation यानी कि SEO एक्सपर्टस का मानना है की एक्सेलरेटर मोबाइल पेज अगर आप इस्तेमाल करते हैं तो Google आपको रैंकिंग में प्रमोट करता है. इसके पीछे गूगल का रीजन भी लॉजिकल है क्योंकि यह यूजर्स का ब्राउज़िंग एक्सपीरियंस इंप्रूव करता है और स्लो इंटरनेट कनेक्शन पर भी इंस्टेंटली वेब पेज ओपन कर पाता है. इसलिए उन साइट्स को जो Google AMP यूज़ करते हैं उन्हें प्रमोट करना भी बनता है. तो सबसे बड़ा फायदा तो SEO का साफ़ दीखता है. वैसे भी आप अगर कोई भी webpage open करते हैं तो आपको जो टॉप पर जो वेबसाइट दिखती हैं उनमे गूगल AMP का sign दिखता है. Top वेबसाइट जैसे की न्यूज़, स्पोर्ट्स वेबसाइट भी अपना अपना AMP version लांच कर चुकी हैं. तो 100 बातो की 1 बात, AMP फ्यूचर हैं. 

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Negatives: अभी Google AMPअपने स्टार्टिंग फेस में है तो जो bloggers और वेबसाइट ऑनर्स Google AMP इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें काफी सारे चैलेंजर्स face करने पड़ रहे हैं. जैसा कि आप जानते हैं कि AMP bare minimumयानी कि लिमिटेड HTML, सीएसएस और जावा स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करता है तो इसका सीधा सीधा मतलब यह है कि आप काफी सारे फीचर्स, widgets और सीएसएस इंप्रूवमेंट अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा आपकी एडवरटाइजिंग की ऑप्शंस भी लिमिटेड है और उन्हें implement करना भी challenging हैं. इसके अलावा एक नुकसान यह भी है कि AMP का मैक्सिमम ट्राफिक मोबाइल यूजर से ही आता है तो बहुत सारे bloggers को डेस्कटॉप की वेबसाइट और AMP वेबसाइट दोनों मेंटेन करनी पड़ती है. हालांकि Google AMP को बूस्ट कर रहा है लेकिन इसके बाद भी काफी bloggers का ये कहना है की AMP इस्तेमाल करने के बाद उनकी वेबसाइट का ट्रैफिक कम हो गया है और उनकी earnings पर डायरेक्ट असर पड़ा है. 

low earning AMP
Low Earning for some users? Google AMP

But But But….

इन सब लिमिटेशंस के होते हुए भी Google AMP pages में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और गूगल भी अपनी मोबाइल सर्च में ऐसी वेबसाइट को ऊपर रैंक कर रहा है. Google का इसके पीछे सपोर्ट लॉजिक यह है कि कोई भी बड़ी टेक्नोलॉजी बड़ी तभी बनती है जब उसकी कैपेबिलिटी इसमें विश्वास किया जाए.  इन सब फायदे और नुकसान के बीच में अभी हम लोगों का मानना यह है कि AMP का इस्तेमाल अभी के समय में बराबर बराबर का सौदा साबित हो सकता है. लेकिन यह तय है कि AMP फ्यूचर है और आने वाले समय में एक्सेलरेड मोबाइल पेजेज का यूज ज्यादा से ज्यादा देखने को मिलेगा.

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अपने वर्डप्रेस ब्लॉग पर गूगल AMP कैसे सेटअप करें ?

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इसके लिए आपको सबसे पहले एक प्लगइन इस्तेमाल करना होगा जिसका नाम है AMP for wordpress . एक बार यह प्लग इन इंस्टॉल हो जाए तो इसे एक्टिवेट कर लीजिए. एक्टिवेशन के बाद आपको वेबसाइट के डैशबोर्ड में जाना है और वहां पर अपीयरेंस में जाकर AMP पेज पर क्लिक करना है.

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 इसे हम देख पाएंगे कि आपकी वेबसाइट AMP पर कैसी लगेगी. इसके बाद नीचे डैशबोर्ड पर लेफ्ट में नीचे आपको ऑप्शन दिखेगी AMP.  इस पर क्लिक करना है इसके बाद आपको चार ऑप्शन मिलेंगे और यहीं से होगा सारा setup.3.png

जिसमें पहली ऑप्शन है सेटिंग्स. सेटिंग्स में आपको जनरल ऑप्शन में जाना है वहां पर आपको अपनी वेबसाइट का लोगो अपलोड करना है आप चाहें तो उसे resize भी कर सकते हैं.  इसके नीचे ऑप्शन आएगी AMP सपोर्ट. यह सबसे इम्पोर्टेन्ट आप्शन है.  इसमें आप अपनी वेबसाइट का जो कंटेंट AMP पर यूज करना चाहते हैं उन्हें ऑन कर दीजिए.आप अपनी पोस्ट,  pages, होम पेज,  टैग्स, कैटेगरी सेलेक्ट कर सकते हैं कि आपको कौन-कौन सी ऑप्शंस इनेबल करनी है AMP के लिए.

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इसके बाद आपको सेकंड ऑप्शन डिजाइन में जाना है अभी  AMP का जो प्लगइन है वह चार डिजाइन यानी कि 4 थीम्स सपोर्ट करता है. हालांकि आप प्रो वर्जन खरीद कर बहुत सारे लेआउट भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप AMP पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं तो मैं आपको suggest करूँगा कि इन्हीं 4 ले आउट में कोई भी फ्री ऑप्शन सेलेक्ट करके इस्तेमाल करना शुरू करें. इसके बाद डिजाइन में ग्लोबल, हैडर, होम पेज, सिंगल, फूटर, पेज, etc  ऑप्शंस आप जैसा चाहे वैसा set कर सकते हैं. ये सब आप पर depend करता है की आपको इन सब में कैसा customization चाहिए. इतना सब करने के बाद आप अपने सारे चेंजेस सेव कर दीजिए. बहुत सारी छोटी-छोटी ऑप्शंस आप को मिलेंगी जो आप tweak करके अपनी वेबसाइट में होने वाले चेंजेस को देख सकते हैं. लेकिन मेजर मेजर ऑप्शंस अभी आपने सेट कर ली हैं. 

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इसके बाद अगर आप अपने मोबाइल पर अपनी वेबसाइट खोलते हैं तो आपकी वेबसाइट आप की ओरिजिनल वेबसाइट ऑटोमेटिकली  AMP वर्जन पर रीडायरेक्ट हो जाएगी अगर आप गौर करें तो आपका URL नॉर्मल URL के address के बाद में स्लैश के बाद AMP होगा. इसके बाद आप जो भी पेज इस्तेमाल सक्सेस करना चाहेंगे उसके बाद स्लाश AMP करके url खुलेंगे. और इनकी स्पीड होगी superfast जो सीधे click करते ही ओपन होंगे. एक बात तय है की जब आप AMP set कर लेंगे तो बहुत सारे users की ये complaint रहती है की pages कहीं कहीं ब्रेक हो रहे हैं या कुछ errors आ रही हैं.  यहाँ पर हम ये suggest करते हैं कि आप AMP implement करने के बाद अभी pages और पोस्ट को एक बार एक्सेस करके देख लीजिए.  क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपको कुछ चीजें ट्रबल शूट करनी पड़े. आने वाले आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कैसे AMP में आप Google Auto Ads डाल सकते हैं.

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