फूड टेक्नोलॉजी क्या है और कैरियर कैसा है ?

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क्या आप बिना खाने के जीवन की कल्पना कर सकते हैं  नहीं ना क्योंकि बिना खाने की जीवन की कल्पना लगभग असंभव है। बिना खाने के पृथ्वी पर प्राणियों का अस्तित्व ही नहीं रहेगा तो अब आप समझ गए होंगे कि खाना हमारे लिए उतना ही जरूरी है जितना कि पानी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा फल और सब्जी उत्पादक देश है,  लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता गया वैसे वैसे हमारे खान-पान में बदलाव आने लगे अब  व्यक्ति  कम समय में खाना तैयार करके खाना चाहता है जिसे हम आजकल पैकेजिंग फूड के नाम से जानते हैं, यह डिब्बा बंद होते हैं और यह पहले से तैयार खाना होता है  जिसे बस गरम पानी में  उबालों और खाना तैयार हो जाता है।

फूड टेक्नोलॉजी:-

फूड टेक्नोलॉजी साइंस की वह कड़ी है जिसमें किसी पके हुए खाने को लेकर उसमें कुछ परिवर्तन करना और उसे फिजिकली और केमीकली प्रक्रिया  से उस भोजन को अन्य अलग-अलग रूपों में बदलना फूड टेक्नोलॉजी कहलाता है।

Food technology in Hindi

फ़ूड technology की जरुरत

आज के समय में सुपर मार्किट में तरह तरह के नए उत्पाद आने लगे हैं और लोग सब्जी मंडियों से सुपर मार्किट में शिफ्ट होना शुरू हो गए हैं. खाने के साथ एक जो सबसे बड़ी समस्या है वो है समय के साथ उसका ख़राब हो जाना. पर फ़ूड technology की मदद से, प्रोसेस्ड फ़ूड को काफी ज्यादा समय के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. साथ ही, आजकल कुछ एक्स्ट्रा nutrients डाल कर भी पैकेज्ड फ़ूड को नेचुरल फ़ूड से भी ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है.

फूड टेक्नोलॉजी प्रोसेस

  1. मैन्युफैक्चर्ड प्रोसेस:-  इस प्रक्रिया में कच्चे माल को बदलकर उसे खाने योग्य माल में प्रयोग किया जाता है इसे मैन्युफैक्चरिंग कहते हैं।
  2. वैल्यू ऐडेड प्रोसेस:- इस प्रक्रिया में कच्चे खाद्य माल को इस तरह परिवर्तित किया जाता है जिससे वह सुरक्षित और हर समय खाने लायक बना रहे जैसे टमाटर सॉस, फ्रूट जेम, नूडल्स आदि।

फूड टेक्नोलॉजिस्ट बनने के लिए योग्यता

फूड टेक्नोलॉजी एक बहुत ही Advance फील्ड हैं, अगर आपको फूड टेक्नोलॉजी और इससे रिलेटेड फील्ड में करियर बनाना है तो आपको 12th में  फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, बॉयोलॉजी या मैथमेटिक्स सब्जेक्ट से कम से कम 50% से पास होने की आवश्यकता है । उसके बाद ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन फूड टेक्नोलॉजी में कर सकते हैं इसके लिए बहुत से कोर्सेज उपलब्ध है.

फूड टेक्नोलॉजी कोर्सेज

फूड टेक्नोलॉजी कोर्सेज

  1. B.Sc. इन फूड टेक्नोलॉजी (3 साल)
  2. B.Sc. इन फूड न्यूट्रिशन एंड प्रिजर्वेशन (3 साल)
  3. B. Tech इन फूड इंजीनियरिंग (4 साल)
  4. M.Sc. इन फूड टेक्नोलॉजी (2 साल)

फूड टेक्नोलॉजी कोर्स कराने वाली कुछ संस्थान:

  1. सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, कर्नाटक
  2.  नेशनल इंस्टीट्यूट  ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, हरियाणा
  3.  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, हैदराबाद, (तेलंगाना)
  4. एग्रीकल्चर एंड फूड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट आईआईटी, खड़गपुर
  5.  इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च  इंस्टिट्यूट
  6.  बिरला  इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी (राजस्थान)
  7. फूड एंड ड्रग टॉक्सिकोलॉजी साइंस रिसर्च सेंटर
  8. नेशनल एग्रीकल्चर फूड बायो टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट
  9. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोच्चि (केरल)
  10. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च, उत्तर प्रदेश

फूड टेक्नोलॉजी में जॉब:

फूड टेक्नोलॉजी कोर्स किए हुए व्यक्ति के लिए बहुत सी जॉब होती है जिसमें वह अपना कैरियर सेट कर सकता है

तो आइए जानते हैं:

  1. एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट को फूड को प्रोसेस करने वाले सभी काम करने होते हैं जिसमें फूड की गुणवत्ता उसका स्वाद उसका रंग रूप आदि शामिल होते हैं और उस फूड की स्टोरेज में हाइजीन का भी ख्याल रखना पड़ता है ताकि खाने में किसी प्रकार की कोई ख़राबी ना हो और वह खाना अच्छी तरह से पैकिंग किया जाए।
  2. फूड  टेक्नोलॉजिस्ट को ऐसे मेथड के बारे में जानकारी और सलाह देनी चाहिए इसमें कच्चे माल को प्रोसेस फूड में बदला जा सके और उसका खाने के रूप में अलग अलग तरह से उपयोग किया जा सके।
  3. एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट को कच्चे माल से प्रोसेस माल तक बनाने और फिर उसकी पैकेजिंग तक पूरा ध्यान रखना पड़ता है जिससे किसी भी प्रकार की कोई भी गलती या किसी और समस्या की कोई गुंजाईश ना रहे, और उस फूड की मार्केटिंग अच्छे से हो सके।
  4. एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट के पास इस कोर्स को करने के बाद नौकरी के कई विकल्प होते हैं जैसे किसी फूड प्रोसेसिंग यूनिट में, रिटेलिंग कंपनी में, होटल  मैं आदि जो प्रोसेसिंग फूड का काम करती हो जिससे वह व्यक्ति उस कंपनी से जुड़ कर अपना काम कर सके। साथ ही अगर किसी व्यक्ति को गवर्नमेंट जॉब चाहिए तो फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया(FCI) हर साल ग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग रिक्रूटमेंट निकालती है जिसमें पास होने पर वह 6 महीने के लिए ट्रेनिंग होती है और बाद में  व्यक्तियों को उनकी काबिलियत के हिसाब से अलग-अलग फूड प्रोसेसिंग लेबोरेटरी में पोस्ट दे देती है।
  5. इस फील्ड में शुरुआती सैलरी आमतौर पर 10,000 से 15,000 की होती है फिर कुछ सालों का  एक्सपीरियंस होने के बाद 30,000 महीना भी हो सकती है।

अंत में

इस आधुनिक दुनिया में जरूरी नहीं है कि हम बाहर जो भी खाए हमारे स्वास्थ्य के लिए सही रहेगा, हमेशा पहले फूड को वेरीफाई करें बाद में इसका उपयोग करें।खासकर प्रोसेसिंग फूड को, क्योंकि यह एक निश्चित तारीख के बाद जिसे हम एक्सपायर डेट कहते हैं जहर के समान बन जाता है जिससे कि आपको फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा रहता है और कुछ केस में मौत तक भी हो जाती है। इसलिए जितना हो सके इन प्रोसेसिंग फूड को खाने से दूर रहें और घर का खाना खाया और सुरक्षित रहे साथ ही अन्य लोगों को इन चीजों के बारे में बता कर उन्हें जागरूक करें।

 तो दोस्तों कैसा लगा आपको आज का आर्टिकल बताइए कमेंट सेक्शन में.

 मिलते हैं  नए इंटरेस्टिंग आर्टिकल में तब तक के लिए गुड बाय।

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