Fireflies ( जुगनू ) क्यूँ चमकते हैं? Science behind blinking LED

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    रात के समय पेड़-पौधों के झुरमुट के आसपास चमकते हुए जुगनुओं को तो आपने देखा ही होगा। जुगनू के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे। ये जुगनू आजकल शहरों में कम ही दिखते हैं। इन्‍हें ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में देखा जा सकता है। आप सोच रहे होंगे कि आज टेक्निकल से डायरेक्ट नेचर की तरफ वाला रास्ता क्यूँ? क्या आपको नहीं लगता इन्हें देखने पर जैसे जुगनू कोई blinking led हो जिसमे नेचर ने 4 लाइन्स का प्रोग्राम कोड किया हो. तो चलिए जानते हैं इस नेचुरल led के पीछे का राज.

    जुगनू क्यूँ चमकते हैं?

    आइए जानते हैं इसके पीछे का कुछ इतिहास :

    वर्ष 1667 में इस चमकने वाले कीट की खोज वैज्ञानिक रॉबर्ट बायल ने की थी। पहले यह माना जाता था कि जुगनुओं के शरीर में फास्‍फोरस (Phosphorus) होता है, जिसकी वजह से यह चमकते हैं, परंतु इटली के वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि जुगनू की चमक फास्फोरस से नहीं, बल्कि ल्युसिफेरेस नामक प्रोटीनों के कारण होता है। ये अधिकांश  रात में ही चमकते हैं। दिखने में यह एकदम पतले और दो पंख वाले होते हैं। ये जंगलों में पेड़ों की छाल में अपने अंडे देते हैं।

    रोशनी देने वाले जीव : Inside ocean

    जुगनू की तरह ही चमकने वाले ऐसे कई जीव हैं। जुगनू की तरह ही रोशनी देने वाले जीवों की एक हजार प्रजातियों की खोज की जा चुकी है, जिनमें से कुछ प्रजातियां पृथ्वी के ऊपर और समुद्र की गहराइयों में पाई जाती हैं।


    इसके पीछे Science क्या है?

    फायरफ्लाइज़ अपने शरीर के अंदर एक Chemical reaction पैदा करते हैं जो उन्हें प्रकाश पैदा करने की skill देता है। इस प्रकार के प्रकाश उत्पादन को बायोलुमिनेसेंस (bioluminescence) कहा जाता है। जिस प्रकार से फायरफ्लाइज़ प्रकाश उत्पन्न करते हैं वह शायद बायोलुमिनेसिस का सबसे अच्छा known example है।  

    जब ऑक्सीजन  कैल्शियम, एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (एटीपी) और ल्यूसिफरेज (which is a bioluminescent enzyme) की उपस्थिति में Chemical  ल्यूसिफरिन के साथ मिलता हैं, प्रकाश का उत्पादन करता है। एक प्रकाश बल्ब के विपरीत, जो प्रकाश के अलावा बहुत अधिक गर्मी पैदा करता है, एक जुगनू का प्रकाश “ठंडी रोशनी” है, जिसमें बहुत सारी ऊर्जा हीट की फॉर्म में नहीं खो जाती है। यह आवश्यक है क्योंकि अगर किसी जुगनू का प्रकाश पैदा करने वाला अंग प्रकाश बल्ब की तरह गर्म हो जाता है, तो जुगनू गर्मी से बचेगा नहीं।

    एक जुगनू रासायनिक प्रतिक्रिया की स्टार्ट और एंड को नियंत्रित करता है यानी कि कब इसे ग्लो होना है और कब तक ग्लो होना है और इस प्रकार प्रकाश उत्पन्न करने के लिए आवश्यक अन्य रसायनों में ऑक्सीजन जोड़कर, इसके लाइट emission स्टार्ट या स्टॉप कर सकता है.  जब ऑक्सीजन उपलब्ध होती है, तो प्रकाश अंग प्रकाश करता है, और जब यह उपलब्ध नहीं होता है, तो प्रकाश बाहर निकल जाता है। इस कीड़े में फेफड़े नहीं होते हैं, बल्कि शरीर के बाहर से ऑक्सीजन को आंतरिक रूप से छोटी नलियों की एक जटिल श्रृंखला के माध्यम से आंतरिक कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है जिसे ट्रेकॉल्स कहा जाता है। हम अब समझ गए हैं कि वे कैसे चमकते हैं लेकिन वे चमकते क्यों हैं? (curious right?)


    फायरफ्लाइ के चमकने का कारण

    फायरफ्लाइ कई कारणों से प्रकाश में आते हैं। लार्वा कम चमक पैदा करते हैं और रात में मुख्य रूप से सक्रिय होते हैं, (even though many species are subterranean or semi-aquatic) ।  फायरफ्लाइज़ अपने शरीर में Defensive Steriods का उत्पादन करते हैं जो उन्हें शिकारियों के लिए अनुपयुक्त बना देता है । लार्वा अपनी चमक को अपनी नापसंद बताने के लिए के लिए चेतावनी के रूप में उपयोग करते हैं।

    As adults, कई फायरफ्लाइज़ में उनकी प्रजातियों के लिए unique पैटर्न होते हैं और उनका उपयोग उनकी प्रजातियों के अन्य सदस्यों की पहचान करने के साथ-साथ विपरीत लिंग के सदस्यों के बीच भेदभाव करने के लिए किया जाता है (yes, to avoid confusion between males and females!)। कई अध्ययनों से पता चला है कि फीमेल फायरफ्लाइज specific male फायरफ्लाइज को सेलेक्ट करती है जिनका blinking पैटर्न unique होता है। अगर मेल फायरफ्लाइज का flashing रेट ज्यादा है और  फ़्लैश intensity भी ज्यादा है, तो वो फीमेल फायरफ्लाइज  को ज्यादा attract करती हैं । (So boys, you know the trick, then)


    जुगनू के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य ( It’s Facts Time!) :

    1. वे वास्तव में मक्खियों नहीं हैं – वे बीटल हैं। (What? Are you serious?)
    2. प्रत्येक प्रजाति का अपना फ्लैश पैटर्न होता है।
    3. वे जहरीले हो सकते हैं। (Thanks for the warning!)
    4. जुगनू का प्रकाश पीला, हरा या नारंगी हो सकता है।
    5. फायरफ्लाइज  द्वारा जनरेटेड प्रकाश दुनिया में सबसे efficient  प्रकाश है। रासायनिक प्रतिक्रिया में लगभग 100 प्रतिशत ऊर्जा प्रकाश के रूप में उत्सर्जित होती है।

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