Edge Computing ( एज कंप्यूटिंग ) kya hai ?

ये तो आप जानते होंगे कि क्लाउड कंप्यूटिंग की आने से सब कुछ कितना बदल गया है. आप same कंटेंट अपने फ़ोन, लैपटॉप या कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं. डाटा अब सेंट्रलाइज्ड होकर क्लाउड्स में स्टोर होने शुरू हो गए हैं. पर जिस स्पीड से ये सब बढ़ रहा है, उस हिसाब से सारा डाटा क्लाउड्स में ही process हो रहा है. और क्लाउड्स हैं सेंट्रलाइज्ड तो डाटा को जहाँ पर क्लाउड सर्वर हैं वहां से transaction करना पड़ता है, जिससे कि स्पीड comparatively स्लो हो जाती है. अगर यह transaction किसी तरह लोकल में ही होने लगे, तो यह काम आसान और फ़ास्ट हो जायेगा. यह सलूशन एज कंप्यूटिंग provide कराती है, चलिए देखते हैं आगे कि क्या है ये सब और कैसे काम करती है ये technology.

एज कंप्यूटिंग क्या है ?

Edge का पूरा नाम Enhanced Data Rates For GSM Architecture है। Edge Computing  डाटा प्रोसेसिंग के साथ-साथ रियल टाइम डाटा की लोकल प्रोसेसिंग से भी संबंधित होता है, क्योंकि यह क्लाउड कंप्यूटिंग के विपरीत काम करता है, इसलिए एज कंप्यूटिंग के अंतर्गत कंप्यूटर से संबंधित कार्यों के लिए  डाटा का स्टोरेज डिवाइस के पास ही किया जाता है।  आसान भाषा में कहें तो यह ऐसी नई नेटवर्किंग सिस्टम है इसमें डाटा सर्वर और डाटा प्रोसेसिंग को कंप्यूटिंग प्रक्रिया से पास लाया जाता है जिससे लेटेंसी और बैंड-विथ की समस्या को कम किया जा सके। अब आप सोच रहे होंगे कि लेटेंसी और बैंड-विथ क्या है? चलिए ये भी देख लेते हैं.

Edge computing hindi me
  1. लेटेंसी (latency):- दूर स्थित किसी डाटा सेंटर या क्लाउड से रियल टाइम में कांटेक्ट करने में हुई देरी को लेटेंसी कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने इंटरनेट पर किसी इमेज पर क्लिक किया है तो जितनी देर में कोई इमेज शो होगी  उसे उसकी लेटेंसी टाइम कहते हैं।
  2. बैंड विथ (Bandwidth):-किसी दिए गए समय में इंटरनेट कनेक्शन पर भेजी गई डाटा की अधिकतम मात्रा की  फ्रीक्वेंसी को बैंडमेट्स कहते हैं। उदाहरण के लिए किसी नेटवर्क पर भेजे गए डेटा की गति को प्रति सेकंड मेगा  बाइट्स(Mbps) के रूप में गणना की जाती है।

एज कंप्यूटिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग में अंतर 

Edge कंप्यूटिंग और Cloud कंप्यूटिंग में मुख्य अंतर डाटा प्रोसेसिंग में है क्योंकि क्लाउड कंप्यूटिंग में डाटा ट्रैवल ज्यादा टाइम के लिए होता है जिससे डाटा प्रोसेस धीरे-धीरे होता है लेकिन इसके विपरीत एज कंप्यूटिंग में वह टाइम कम हो जाता है जिसे डाटा प्रोसेसिंग में अंतर आ जाता है। दूसरा अंतर यह है कि Internet of Things (IoT)  पहले डाटा को क्लाउड से कंप्यूटिंग करती है जबकि एज कंप्यूटिंग में डाटा लोकल सर्वर पर स्टोर होता है और प्रोसेस होने के बाद जो Large Amount Data जनरेट होता है उसे एज कंप्यूटिंग द्वारा मैनेज किया जाता है। साथ ही एज कंप्यूटिंग इंपोर्टेंट डाटा को ही क्लाउड पर शेयर करती है और डाटा को प्रोसेस करने के बाद केवल इंपोर्टेंट डाटा को सेंड करती है जिससे Edge कंप्यूटिंग जो नेटवर्क है वह डाटा के  अमाउंट को कम करता है।

Edge computing vs Fog vs Cloud computing

Edge Computing Advantage

  1. Speed: – एज कंप्यूटिंग में डाटा प्रोसेसिंग में डिस्टेंस कम होने के कारण जहां पहले क्लाउड से डाटा को लेने में टाइम ज्यादा लगता था वहां अब सर्वस एज कंप्यूटिंग से ही लेटा को रिट्रीव कर लेते हैं जिससे डाटा को प्रोसेस होने में स्पीड कम लगती है।
  2. Future Technology Enabled: – आप जानते होंगे कि धीरे-धीरे 5G टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है तो इस क्षेत्र में एज कंप्यूटिंग द्वारा 5G टेक्नोलॉजी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) का उपयोग करके डाटा Response को और तेज बनाया  जाएगा और साथ ही रिजल्ट एक्यूरेट मिलेंगे जिससे कंप्यूटिंग और भी अच्छी और सुविधाजनक हो जाएगी। साथ ही एज कंप्यूटिंग द्वारा  लेटेंसी को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आने वाले भविष्य में हमें डाटा प्रोसेसिंग और ज्यादा  फास्ट हो।
  3. Cheap:-  Edge कंप्यूटिंग क्लाउड कंप्यूटिंग के मुकाबले काफी सस्ता है क्योंकि कई कंपनियों में क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रयोग में अधिक मात्रा में डाटा  स्टोर और बैंडविथ के उपयोग से उसकी लागत बढ़ जाती है और यह सब प्रोसेस बहुत महंगा होता है अतः इस लागत को कम करने के लिए एज कंप्यूटिंग इस मामले में बेहतर साबित हुआ है क्योंकि एज कंप्यूटिंग में डाटा को क्लाउड पर स्टोर करने की  जगह लोकल सर्वर पर स्टोर किया जाता है जिससे  कि इसकी लागत कम हो जाती है।
  4.  Time Saving: – Edge कंप्यूटिंग के प्रयोग से मशीनों को डाटा प्रोसेसिंग के लिए किसी क्लाउड स्टोरेज की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि इन Edge डिवाइस के माध्यम से लोकल स्तर पर ही डाटा को प्रोसेस और स्टोर किया जाता है जिससे टाइम और स्टोरेज Capacity बच जाती है। साथ ही लोकल स्तर पर डाटा स्टोर करने से डाटा का रिट्रीवल और जल्दी हो जाता है।
  5. Secure:- Edge कंप्यूटिंग सर्विसेज के साथ-साथ सेफ्टी भी प्रदान करती है क्योंकि डिवाइस और डाटा सेंटर एंड टू एंड डाटा इंक्रिप्टेड होते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि डाटा नेटवर्क क्रैश ना हो और ना ही किसी तरह की थर्ड पार्टी द्वारा इसे एक्सेस किया जा सके । क्योंकि यह दूरी स्थित किसी क्लाउड टेक्नोलॉजी से संबंधित नहीं है  इसलिए इसमें किसी अन्य हैकिंग की संभावना नहीं होती है।

अंत में

एज कंप्यूटिंग ने नई तकनीक के काम करने के तरीकों में क्रांति ला दी है, जैसे-जैसे आवश्यकता और तकनीक में विस्तार हो रहा है तो उसके साथ एज कंप्यूटिंग ने भी अपना विकास किया है और आज लगभग जगहों पर  क्लाउड कंप्यूटिंग के साथ-साथ एज कंप्यूटिंग का भी यूज़ हो रहा है।  विशेषज्ञों का मानना है कि एज कंप्यूटिंग की सही क्षमता  5G टेक्नोलॉजी आने के बाद ही स्पष्ट होगी  क्योंकि  5G टेक्नोलॉजी में ही उसकी कार्य क्षमता और गुणवत्ता का पता चलेगा। साथ ही यह टेक्नोलॉजी लोगों और बिजनेस में Low cost, High Productivity, Speed और Safety के लिए बहुत महत्वपूर्ण तकनीक साबित होगी और विश्व स्तर पर   2025 तक एज कंप्यूटिंग का मार्केट 8  बिलियन डॉलर से भी अधिक होने का अनुमान है।

तो दोस्तों कैसा लगा आपको आज का  आर्टिकल बताइए कमेंट सेक्शन में  मिलते हैं एक नई इंटरेस्टिंग आर्टिकल में तब तक के लिए गुड बाय।

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