Difference between microprocessor and microcontroller in Hindi

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दोस्तों स्वागत है आप सभी का मेरे इस नए column में. आज हम microprocessor और microcontroller के बीच का फर्क पढेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं.

Microprocessor और Microcontroller ये दोनों ही terms हमेशा ही हमारे दिमाग में confusion create करते है. ये दोनों ही real time application के लिए design किए गए हैं. इन दोनों में बहुत सारी common features हैं पर कुछ significant differences भी हैं. दोनों की IC को सिर्फ देखने से हम पता नहीं लगा सकते की कौन सा microprocessor या कौन सा microcontroller है?

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Microprocessor और Microcontroller के बीच का difference:

Microprocessor:

Microprocessor एक IC है जिसमे अन्दर सिर्फ CPU होता है मतलब सिर्फ processing power होती है जैसे-Intel का pentium 1,2,3,4, core 2 duo, i3, i5, i7 इत्यादि. इन microprocessors में chip पर RAM, ROM और दुसरे peripheral नहीं होते हैं. एक system designer को इन सभी components को externally add करना पड़ता है ताकि ये functional हो सके. Microprocessor का application – Desktop PC’s, Laptops, notepads इत्यादि. Microprocessor किसी भी specific task के लिए नहीं बनाया जाता है बल्कि ये वहाँ इसतेमाल होता है जहाँ पर task complex और tricky होता है जैसे software के games का development और दुसरे application जहाँ high memory की ज़रुरत होती है और input और output defined नहीं होती है. यह computer system का heart होता है.

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उपर के microprocessor के architecture के image से यह आसानी से देखा जा सकता की इसके पास registers और ALU processing unit होता है पर इसके पास RAM, ROM नहीं है.


Microcontroller

ये एक छोटे computer की तरह होता है जो एक single IC पर present होता है. Microcontroller में processor core, ROM, RAM और I/O pins होते हैं जो अलग अलग tasks perform करने के लिए dedicated होते हैं. Microcontrollers generally वह use होते हैं जहाँ project और application को user के direct control की ज़रुरत होती है. जैसा की इस single chip में सभी components present होते हैं इसलिए task को perform करने के लिए कोई भी external circuit की ज़रुरत नहीं होती है. इसलिए इसका इसतेमाल अधिकतर embedded systems होता है. एक microcontroller किसी भी embedded system का heart होता है. कुछ examples- 8051, AVR, PIC series of microcontrollers. RAM ROM फिक्स होते हैं.

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उपर का architecture 8051 microcontroller का है. आप सभी देख सकते है की सभी required components एक chip पर present हैं. दोनों के बीच का key difference, external peripheral का होना या न होना होता है, जहाँ microcontroller के पास RAM, ROM, EEPROM embedded होते हैं जबकि microprocessor में external circuits का इस्तेमाल होता है.


माइक्रोप्रोसेसर और माइक्रोकंट्रोलर मे अंतर 

जैसा की microcontroller में सभी peripheral एक single chip पर होता है तो वो compact होता है जबकि microprocessor bulky होता है.


Microcontrollers complementary metal oxide semiconductor technology का इस्तेमाल कर बनता है इसलिए वो थोडा microprocessor cheaper होता है. और जो application microcontroller से बनते है वो भी cheap होते हैं क्यूकि उन्हें external components की कम ज़रुरत होती है. जबकि microprocessor से बने system का overall cost high होता है क्यूकि उस type के system के लिए external components ज्यादा लगता है.


Microcontroller का processing speed लगभग 8 Mhz से 50 MHz होता है जबकि general microprocessor का processing speed 1 GHz से उपर होता है. इसलिए वो microcontrollers से ज्यादा fast होता है.


Microcontroller में power saving system होता है जैसे idle mode या power saving mode ताकि overall वो कम power का इस्तेमाल होता है और external components भी कम होते हैं इसलिए power consumption कम होता है. जबकि microprocessor में कोई power saving system नहीं होता है और बहुत सारे external components का इस्तेमाल होता है इसलिए power consumption भी हाई होता है.


Microcontroller compact होते हैं इसलिए उसे small products और applications के लिए favorable और efficient system माना जाता है जबकि microprocessor larger application के लिए prefer किया जाता है. ज़्यादातर task unspecific होता है जैसे l इत्यादि.


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