Computer / laptop को टाइम कैसे पता चलता है ?

हेल्लो दोस्तों…. आपका स्वागत है आपके technical अड्डे पे. समय की कीमत तब पता चलती है जब वो पहली फुर्सत से निकल लेता है, पर उस समय का सही इस्तेमाल करने के लिए हमने घडी का अविष्कार किया. थोडा और advance होने के बाद हमने घडी को हर technical चीज़ में डाल दिया जेसे phones, cars, computers आदि और हम सबने इन technical चीजों में बसी घडी को अच्छे से use किया. पर क्या आपने ये सोचा की ये घडी काम केसे करती है? अपनी वाल क्लॉक या orthodox wrist watch जैसी तो शायद बिलकुल नहीं. तो चलिए आज हम जानते हैं की computers  में ये घडी काम केसे करती है.


History

First-generation के computers में time का display नहीं था. बाद में IBM PC और XT में real-time clock chips थे जो peripheral boards पर लगे थे. लेकिन IBM AT सबसे पहला computer बना जिसमे time का hardware उसके motherboard में था. उन में सिर्फ local time ही दिखाया जाता था, अलग अलग time zones नही थे. यानी कि आप जिस जोन में हैं उसी जोन में आपको सही टाईम दिखेगा.  

पर आजकल के laptops और Computers में real-time clocks होते हैं. ये integrated circuit यानी कि एक सिंपल IC जैसे होते हैं. इसे हम RTC भी कह सकते हैं. तो चलिए हम जानते हैं इसके बारे में.

Dallas Semiconductor DS1287 real-time clock manufactured in 1988

Power off होने पर ?

चलो ये सब तो ठीक है, पर इसमें सबसे बड़ा चैलेंज ये हैं कि पॉवर ऑफ होने पर तो कंप्यूटर की पॉवर भी ऑफ हो जाएगी. और IC भी reset हो जाएगी. अगली बार जब कंप्यूटर on होगा तो टाइम वहां से कैलकुलेट होना शुरू होगा. तो इसका solution कुछ ऐसे निकला गया.

Lithium battery inside the real-time clock IC

RTC एक्चुअली alternate power sources पर चलता है ताकि जब primary source बंद हो जाये तब भी ये चलता रहे. कहने का मतलब ये कि जब आपके pc की पॉवर सप्लाई ऑफ हो जाती है तो ये बैटरी कि मदद से लाइव रहती हैं और अपना टाइम काउंट करती रहती हैं. पहले इन sources में lithium battery use किया जाता था पर अब supercapacitor use करते हैं, क्यूंकि ये recharge भी हो सकता है.

इसमें cristal oscillator use होता है क्यूंकि quartz घडी में भी वाही use किया जाता है. उसकी frequency 32.768kHz होती है और 2^15 cycles प्रति second की गति से चलती है. तापमान गरम हो या ठंडा इस पर कोई फरक नही पड़ता.

RTC के प्रकार

  • Radio based RTC
  • Software-based RTC
  • Historic RTC
A real-time clock (RTC) is an IC that keeps an updated track of the current time.

Working of Computer watch

अब आपका सबसे पहला सवाल कि ये घडी आखिर काम कैसे करती है, क्या ये असली घडी की तरह घूमती है? जी नहीं, ये एक integrated circut है जिसमे crystal oscillator होता है.

Crystal oscillator piezoelectric cystals का इस्तेमाल करता है signal generate करने के लिए. जबभी इन crystals पर एक field पड़ती है तो ये अपने cystalline structure से distort हो जाते हैं और फिर field के हट जाने से वापिस cystalline structure में आजाते हैं. इससे एक electric signal generate होती है. Oscillator का असली काम होता है की वो frequency को stabilize कर सके. ताकि temperature, load या power के change से वो बदले ना. इसकी कीमत भी बहुत कम होती है. इसकी frequency 32.768kHz होती है क्यूंकि ये frequency घड़ियों में भी इस्तेमाल होता है. जो lithium battery इसमें इस्तेमाल होता है वो कम से कम current में use होता है, लगभग 10nA. ताकि RTC लम्बे समय तक चले और जैसे ही motherboard में power आता है वो वापिस से चार्ज हो जाता है और आगे काम करता है.

हम RTC को CMOS(Complementary Metal Oxide Semiconductor) भी बोल सकते हैं. ये battery minimum 3-4 और maximum 7-8 साल चलता है.

Real-time clock Advantages :

  1. बहुत कम power use होता है क्यूंकि उसका power battery से आता है.
  2. ये main system को अपने time-critical tasks से मुक्त कर देता है.
  3. कभी कभी ये दूसरे methods से ज्यादा सटीक समय बताता है.

इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला module circuit DS1307 है.

तो आज हमने देखा की computer अपने आप केसे समय दिखता है, वो काम केसे करता है, कुछ examples और उसके फाईदे. हमे कमेंट section में बताएं की ये आपके लिए कितना लाभदायक था और इसमें क्या परिवर्तन लाया जा सकता है. आज के लिए बस इतना, मिलते हैं अगले article के साथ.

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