Cloud Computing क्या है और उसके Use.

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दोस्तों आज फिर से मेरी इस techbox की दुनिया में आने के लिए आपका शुक्रिया. और स्वागत है आपका आज के मेरे article में जिसमे हम आज cloud computing के बारे में चर्चा करेंगे. ये नाम शायद आपको पता होगा और अगर नहीं पता तो कोई नहीं आप अभी जान जाएंगे. दोस्तों जब मैंने ये नाम पहली बार सुना था तो मुझे तो ऐसा लगा था की cloud campus में जाके computing करनी होगी या फिर होगा कुछ एक दम नया और hi-fi technology. और इसका इस्तेमाल करते होंगे हमारी dream companies जैसे- apple, microsoft इत्यादि. अगर आप भी मेरी तरह cloud computing के बारे में unsure हैं तो हम सब उन 95% लोगो में आते है जो इस cloud computing services को use कर रहे है पर हमे पता नहीं है. जैसे- online banking, social network, gmail इत्यादि.

तो चलिए आज की पाठशाला में हम cloud computing के बारे में जानते हैं.

abstract aluminum architectural architecture

Cloud Computing क्या है?

अलग अलग type के hardware और software के set को “cloud” कहा जाता है, जो एक साथ यानी collectively काम करते है ताकि वो computing के बहुत सारे aspect को online service की तरह end-user को deliver कर सके.

business charts commerce computer
Same data on all devie is possible by Cloud Technology

Cloud computing इन्ही hardware और software के इस्तेमाल करने के process को कहा जाता है ताकि वो एक network में (ज्यादातर internet) services deliver कर सके. Cloud computing के साथ users यानी हम किसी भी device से अपने files को access या कोई application को use कर सकते है बशर्ते  उस device में internet होनी चाहिए. थोडा टेक्निकल हो गया? चलो example ले लेते हैं.

गूगल सर्विसेज like Gmail

इसका सबसे अच्छा example है- google’s Gmail. Gmail के users किसी भी device से internet के द्वारा अपने files और application को access कर सकते हैं जिसे google host करता है. अब आप अपने फ़ोन पर जीमेल खोलो, अपने डेस्कटॉप पर या फिर अपने ऑफिस के कंप्यूटर पर. सब जगह एक जैसा ही खुलता है न? जी हां. क्यूंकि आपका data क्लाउड पर saved है और वहां से इन्टरनेट के through आप उसे एक्सेस करते हैं.

सरल शब्दों में कहे तो, cloud computing, computing services को internet (“cloud”)  से deliver करता है जैसे- servers, storage, databases, networking, software, analytics इत्यादि. जो companies ये computing services को offer करते हैं उन्हें cloud providers कहते हैं. और ये companies अपने services के लिए charge करते हैं लेकिन उसका bill आपके usage पर depend करता है. ठीक वैसे ही जैसे आपका water या electricity का bill होता है.

Cloud computing companies को compute resources को consume करने में मदद करता है जैसे- virtual machine(VM), storage या application. जैसे- electricity की utility इसे हर बिल्डिंग में बनाने की बजाय infrastructures में provide किया जाता है.

अगर आप अब भी cloud computing के working पर foggy है(यानी clear नहीं है) तो नीचे दिए गए details को पढ़े.

Cloud computing के जबरदस्त उपयोग:

ऐसा हो सकता है की आप अभी cloud computing का इस्तेमाल कर रहे हो और आपको पता भी ना हो. अगर आप किसी online service का use कर email send करते हैं, documents को edit करते हैं, movies या TV देख रहे हैं, सदाबहार गाने सुन रहे हैं, games खेल रहे हैं या picture या कोई file store कर रहे हैं. इन सभी scenes के पीछे cloud computing का हाथ है जो हमारी ज़िंदगी के ऐसे आरामदायक सुखों को possible करता है. पहली cloud computing services को आये हुए अभी एक decade भी नहीं हुआ है पर already variety of orginsations- छोटी सी startup से ले कर global corporation, government agencies सभी ये technology का इस्तेमाल किसी न किसी reason से कर रहे हैं. यहाँ पर कुछ ऐसी एक्टिविटीज हैं जो हम cloud के साथ कर perform कर सकते हैं:

macbook pro
Applications of Cloud computing
  • नए apps और services create कर सकते हैं.
  • Data को store, back up और recover कर सकते हैं
  • Websites और blogs को host कर सकते हैं.
  • बेधड़क audio या video देख सकते हैं.
  • Demand होने पे हम software भी deliver कर सकते हैं.
  • Data को patterns और predictions करने के लिए analyse कर सकते हैं.

Cloud से computing करना और अपने PC के hard drive पे computing करने में क्या फर्क है?

Traditional computing में जहा data PC के local hard drive में store होता है वही cloud में data बहुत सारे physical या virtual servers पे store होते हैं. और ये servers किसी तीसरी party के service provider host करते हैं. Cloud computing file storage provider का example है Dropbox. Dropbox files किसी भी device से internet के द्वारा कही पे भी access कर सकते है. आगे हम cloud computing के history, advantages, uses और भी चीज़े देखेंगे.

दोस्तों अगर हम किसी topic के बारे में पढ़ रहे है तो हमे उसकी history पता होना चाहिए. वो कहा से शुरू हुआ कैसे शुरू हुआ है? आखिर जरुरत ही क्या पड़ी cloud computing की. क्युकी history ही हमे कुछ नया करने के लिए base देती है. तो दोस्तों cloud computing की भी एक history है जिसे जानना बहुत ज़रूरी है. क्या पता कल जाके हम लोग ही कुछ ऐसा invent करे.

Cloud computing की brief history.

Cloud computing का origin 1960 के ज़माने में शुरू हुआ था. तब computer industry ने ये recognize कर लिया था की computing को एक service या utility की तरह deliver करने में क्या potential benefits है. लेकिन पहले की computing, connectivity और bandwidth में lack करते थे जिससे computing को utility की तरह implement करने में परेशानी थी. ये परेशानी तब solve हुई जब internet bandwidth की availability जो 1990s में आई. उसके बाद computing को एक service की तरह practical कर दिया गया.

Late 1990s में Salesforce ने पहली commercially successfully implementations of enterprise SaaS को offer किया था. इसके बाद AWS का market में arrival हुआ, जो 2002 में आया. ये range of services offer कर रही थी जिसमे storage और computation भी included था. और अब इसमें databases, machine learning और भी services आ गयी है. आज के ज़माने में Microsoft Azure, Google Cloud platform और भी providers ने AWS को join कर लिया है ताकि वो हर किसी को cloud-based services दे सके. चाहे फिर वो small businesses हो या global enterprises सभी को ये facility मिले.

Cloud Computing के कुछ Basics.

चाहे हम कोई application run कर रहे हैं जो photos को millions of mobile users को share करता है या आप कोई अपने business के critical operations को support करते है. इन सभी में cloud services platform low cost IT resources को आसानी से access provide करता है. Cloud computing के साथ आपको किसी बड़े upfront investment में पैसे लगाने की ज़रुरत नहीं है और नाही अपना कीमती वक़्त उन सभी hardware को manage करने में व्यर्थ करे. इसकी जगह पे आप computing resources का सही type और size का provision करे. जो आपका नया bright idea को power करता है या आपके IT department को operate करता है. आप कितने भी resources को अपनी ज़रुरत के हिसाब से access कर सकते हैं जो almost instantly होता है और आपने जो भी use किया है उसका आपको pay करना होता है.  यानी की बड़े बड़े सर्वर को साथ लेकर चलने की जरुरत नहीं है. क्यूंकि सारा data cloud पर है. बस करना है तो access किसी भी device पर.

Cloud computing कैसे काम करता है?

Servers, storage , databases और applications services के broad set को आसानी से cloud computing के सहारे और internet के द्वारा access कर सकते हैं. एक cloud services platform जैसे Amazon web services, network connected hardware को own और maintain करता है जो applications services के लिए required है.

Cloud computing के benefits:

  • Self-service provisioning: End users अपने compute resources को किसी भी type के workload जो demand पर है उसके लिए spin up कर सकते हैं. इसके कारण जो IT administrators, compute resources का provision और manage करवाते थे उनकी जो traditional need थी वो eliminate हो गई.
  • Elasticity: companies अपने computing needs के हिसाब से scale up कर सकते हैं अगर demand high है. वो फिर scale down भी कर सकते हैं अगर demand decrease होती है.
  • Pay per use: Compute resources को granular level पे measure किया जाता है. जिसके कारण users ने जो resources और workload का इस्तेमाल किया है सिर्फ उसी के लिए pay करेगा.
  • Workload resilience: Cloud service providers resilient storage को ensure करने के लिए ज्यादातर वक़्त redundant resources का implement करते हैं. और इसके कारण users के important workloads multiple global regions में run होते रहते हैं.
  • Migration flexibility: Organizations अपने certain workloads को cloud से move कर सकते हैं या दुसरे cloud platform पे रख सकते हैं. जो की desired है या फिर better cost savings या कोई नई services emerge होती है तो flexibility होना ज़रूरी है.
  • Variable expense के लिए trade capital expense: data centers और servers जिसका हमे पता भी नहीं है की हम उसे use करेंगे या भी नहीं उसपे heavily invest नहीं करना चाहिए. उसकी वजाय हम जो computing resources को consume करते हैं उसी के लिए pay करे.
  • Benefits from massive economies of scale: cloud computing का इस्तेमाल कर, आप lower variable cost achieve कर सकते हैं जो आप खुद से अगर ख़रीदे तो ज्यादा cost आएगा. सैकड़ो हज़ारो customers cloud का इस्तेमाल कर रहे हैं इसके कारण providers जैसे Amazon web services higher economies का scale achieve कर पाते है. और इस वजह से वो lower pay में हमे offer करते हैं.
  • Productivity: On-site datacenters को “racking और stacking” के लिए बहुत ज्यादा hardware set up, software patching और IT management chores को बहुत time जाता है. cloud computing इन सभी tasks की need को remove कर देता है. इसके कारण IT teams अपने important business goals पे focus कर सकते हैं.

इन सब usage को देख कर आपको आईडिया लग गया होगा की cloud computing किस हद तक हम लोगो की लाइफ में जगह बना चुका है. और आने वाले समय में कैसे ये पंख पसारेगा और एक कॉमन need बन जायेगा. कैसा लगा आपको ये आर्टिकल. क्या अच्छा है और किसमें improvment की गुंजाईश है, बताइए हमे कमेंट सेक्शन में.



 

 

 

 

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