Types of Capacitor and Uses | कैपासिटर के प्रकार

TYPES OF CAPACITORS

 

 Mica capacitor

Mica capacitor को हम सिल्वर mica capacitor भी कहते हैं. ये capacitor बहुत ज्यादा precision, रिलायबिलिटी और स्टेबिलिटी देता हैं. ये ज़्यादातर कम value की होती है और अधिकतर ज्यादा frequency की. जहाँ losses और कम capacitor changeover time की ज़रुरत होती है वहा इसे उपयोग किया जाता है. Mica capacitor mica के शीट्स जिसके दोनो तरफ  चांदी (सिल्वर) की परत होती है .

  Poly Carbonate capacitor

यह capacitor polycarbonate की फिल्म पर एल्युमीनियम की metal का परत चड़ा कर wound करके बनाया जाता है.

कंडेनसर का मुख्य काम AC (Alternating Current) को पास करना व DC (Direct Current) को रोकना होता हैं। निम्नलखित में इस तरह के capacitors का यूज़ काफी है.

  1. filtration circuit
  2. Coupling circuit
  3. Delay Timing circuit

CAPACITANCE

 

1 वोल्ट के वोल्टेज पर capacitor के अन्दर चार्ज होने वाले इलेक्ट्रिक चार्ज की मात्रा (amount) को capacitance कहते हैं. Capacitance का unit Farad (F) होता है.

1000 पीको फेराड (kF) = 1 किलो पीको फेराड (KpF)

1000 किलो पीको फेराड (KpF) = 1 माइक्रो फेराड (MFD,MF,UF)

10,00,000 माइक्रो फेराड(MF) = 1 फेराड (F)

Figure में एक parallel प्लेट capacitor दिखाया गया है. एक बैटरी उस circuit में लगी हुई है और एक key भी जोड़ी हुई है. जब वो key प्रेस करने पर circuit पूरा कर देती है तो current का flow शुरू हो जाता है वो current capacitor के एक प्लेट पे +ve चार्ज जमा करता है तो दूसरी –ve चार्ज को जमा करता है. जिसके कारण potential difference बन जाता है. जब capacitor पूरी तरह से चार्ज हो जाता है तो उसे हम बैटरी की तरह इस्तेमाल कर सकते है.

capacitance के लिए formula :

C=q/V

capacitance प्लेट के area,दोनों प्लेट के बीच की दूरी (distance), और जो dielectric प्लेट के बीच के माध्यम की permitivitty पे भी निर्भर करता है.

capacitance directly proportional होता है प्लेट के area से और inversley proportional होता है दोनों प्लेट के distance से,

C=ε0*A/d

प्लेट के area को बढाने से capacitance बढ़ जाता है और अगर distance बढ़ा दे तो capacitance कम हो जाता है.

 

 Capacitor का सीरीज में कनेक्शन 

 

series connection में current समान्तर होता है .तो टोटल चार्ज सभी capacitor का सामान ही होता है.

वोल्टेज भी सभी वोल्टेज का जोड़ होता है.

VT=V1+V2+.......+Vn

QT/CT =Q1/C1+Q2/C2+........+Qn/Cn

1/CT = 1/C1+1/C2+...........+1/Cn

 

Capacitor का Parallel में  कनेक्शन 

 

Parallel connection में वोल्टेज सामान होता है, पर टोटल चार्ज सभी चार्ज का जोड़ होता है.

q=q1+q2+q3+......qn

C/V=C1/V1+C2/V2+......+Cn/Vn

लेकिन V= V1=V2=Vn

C=C1+C2 +C3+…..+…Cn

 Capacitor में स्टोर हुई Energy

 

Energy को हम यहाँ U से दिखा रहे है ,

U =CV2/2 = QV/2 =Q2/2C

Capacitor एनर्जी produce नहीं करता है बल्कि वह static electricity जमा करता है. जैसे – बाल किये हुए कंघी पर पेपर चिपकता है लेकिन पेपर निकाल देने बाद वापस से नहीं चिपकता है तो इसका सीधा मतलब यह हुआ कंगी discharge हो गयी है. ठीक वैसे ही बैटरी  या दुसरे  power source से capacitor के दोनों टर्मिनल को जोड़ते है तो  कुछ समय के लिए माइक्रो या मिली second के लिए तो Capacitor चार्ज  हो जाता है और उसका इस्तेमाल  कर लेने पर वह discharge हो जाता है.

Preeti

Preeti is pursuing her engineering under electronics engineering program. She always crave to learn the technology specially which touches the newfangled part. She has a bad habit of entering into the world of programming languages. She is still trying to be a developer and in her free time she is wordsmith to write her imaginations.

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