Biosensor kya hain aur kaise kaam karte hain?

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दोस्तों आप सभी का इस electronic column में फिर से एक बार स्वागत है. आज हम इस column में sensors और उसके applications के बारे में पढेंगे. जी हाँ, इसके पहले भी हमने कुछ sensors discuss किए हैं. लेकिन आज हम उन sensors की बात करेंगे जो medicine और health के field में उपयोग किए जाते हैं. Biosensors किस principle पर काम करते हैं उसके बारे में जानेंगे. Biosensors के अलग अलग types और उसके application जो आम तौर पर इस्तेमाल होते हैं उस विषय पर भी चर्चा करेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं.

Introduction

Biosensors के बारे में पढ़ने से पहले आपको पता होना चाहिए की sensors होते क्या हैं. Sensors वो devices हैं जो  किसी भी physical quantity जैसे temperature, humidity, fluid का बहाव, light की intensity, force, time इत्यादि में हुई जानी वाले changes को detect करता है और उसे एक अलग quantity (usually electric form) में convert करता है जो की measure या analyze किया जा सके.

Biosensors hindi me

चलिए इसे एक example से समझते हैं. हम अपना weight measure कैसे करते हैं. हम एक weight measure करनी वाली device का उपयोग करते हैं. हमारा weight उस device में एक sensor से sense होता है, जो दिखने में एक bar की तरह होता है. उस bar से spring connected होता है.  उस device पर जब  हमारा weight होता है तो वह force के कारण spring में displacement होता है. और इस Spring से एक dial connected होता है जो हमे हमारा weight दिखाता है. Spring की movement से dial भी move होता है और उस पर जो scale होता है वो calibrated होता है और उससे हमारा weight पता चलता है.

Biosensor : A typical look

ठीक वैसे ही Biosensors वो device है जो biological signal को electrical signal में convert करता है. हम biological signal के बारे में आगे discuss करेंगे.

Biosensors क्या है ?

Biosensors वह analytical devices हैं जो biological detecting elements जैसे sensor system और transducer के combination से बनता है. यह device biological processes के changes को detect कर electrical signal में convert कर देता है. Biological process हमारी body का कोई भी element हो सकता है  जैसे blood flow, heart beat, cells, blood pressure इत्यादि.  Biosensors की signal observation को बाद में एक electronic circuit को provide की जाती है जिसमे वह signal Conditioning Unit, और processor से analyze होकर Display Unit में दिखाया जाता है.

Uses of bio Sensors

आज के diagnostic device, selectivity और sensitivity के मामले में काफी advance हो चुके हैं. Biosensors के application आज ecological pollution control करने में, agriculture field और food industries में भी उपयोग होता है. Biosensor का main features stability, cost, sensitivity, and reproducibility है.

नीचे दिया हुआ diagram  Biosensor के important components को दर्शता है.

Biosensor के Main components:

Block diagram of biosenosrs, Diagram, Courtsey: www.electronicshub.org

Biosensor के block diagram में तीन segments हैं- sensor, transducer, and associated electrons. पहले segment में sensor एक responsive biological part है और दूसरा segment detector part है, जो biosensor की signal को electrical signal में change करता है. Last segment में signal conditioning unit है, जो amplifier और filter की circuitry से काम करता है. और फिर processor से display unit में input दिया जाता है.

Fact Check
सबसे पहला biosensor 1950 में अमेरिकन biochemist “L.L Clark” ने invent किया था. यह biosensor blood में oxygen को measure करने के लिए इस्तेमाल होता था और जो electrode का उपयोग होता था उसका नाम Clark electrode या oxygen electrode था. 

आगे हम डिफरेंट डिफरेंट तरह के बॉडी सेन्सर्स के बारे में देखेंगे, जैसे कि blood flow, heart beat, cells, blood pressure, ECG इत्यादि. तो जुड़े रहिये हमसे और बताइए कैसा लगा आपको ये आर्टिकल नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में. मिलती हूँ आपसे अगले आर्टिकल में. तब तक के लिए बाय बाय.

This article is inspired from https://www.electronicshub.org/ . If you wish to above content in English then you can please follow this link.

https://www.electronicshub.org/types-of-biosensors/

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