Kya aadhar card safe hai? | कितना सुरक्षित है आधार?

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    दोस्तों आप सभी के पास aadhar card होगा. और आप सभी जगह पर उसका इस्तेमाल भी करते होंगे. लेकिन क्या आपको ये पता है की इसका concept कहा से आया होगा? और ये वाकई safe है?

    man holding white sack walking beside street stores

    क्या जरुरत थी आधार कार्ड की ?

    आप सभी ने ये news तो सुना ही होगा की Aadhar card को indian identity बनाने में एक और कदम उठाया गया है. और वो ये है की अब सभी गरीब महिलाओ को cooking gas free में लेने के लिए aadhar card का होना ज़रूरी है. मज़ेदार बात तो यह है की supreme court ने साफ़ शब्दों में कहा था mid-day meals के लिए aadhar card ज़रूरी नहीं है पर government तब भी अपने जिद पर अड़ी हुई थी. इससे भी शांति नहीं मिली तो अब IRCTC ने अब नया statement ज़ाहिर किया है. आने वालो सालो में नए plan में ये भी rule होगा की जिस भी passengers के पास aadhar card होगा सिर्फ वो ही tickets को online book कर सकते है. National Social Assistance Programme के साथ, National Rural Employment Guarantee Act, public distribution scheme, LPG Subsidies और Jan Dhan Yojana इन सभी के साथ government aadhar card को official necessity बनाने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रही है.

    क्यूँ इतना फोकस में रहा आधार कार्ड ?

    अब आपके दिमाग में ये सवाल ज़रूर आता होगा की ये aadhar card अचानक इतना ज्यादा क्यों focus में आया? ये process धीरे धीरे चालू ही था. जब हमारे देश ने अपनी सबसे खतरनाक Kargil war 1999 में लड़ी थी तब kargil review committee form की गयी थी. उस committee ने india में national security के लिए identity card की ज़रुरत बताई थी. Particularly villagers के पास identity card होना चाहिए. जो border areas और terrorism inflicted zones में रहते हैं. 2001 में जाके unique ID card का recommendation L.K.Advani के निगरानी में accept हुई थी. बाद में इसे लोक सभा में 2003 में citizen amendment bil के अंतर्गत पास करवाया गया था. 2009 में Unique Identification Authority of India (UIDAI) establish हुई थी जो Niti Aayog या  Planning Commission के under काम कर रही थी.

    Nandan Nilekani, Infosys के ex-CEO को UIDAI  का chairman appoint किया गया था. अप्रैल 2010 में Nilekani ने इस unique ID card को  ‘Aadhar’ नाम दिया और उसका logo और brand name launch किया गया. आज 91.7% से भी ज्यादा लोगो के पास Aadhar card है.

    close up of hand holding text over black background
    और कितनी ID?

    इतनी IDs के बाद एक ID और ?

    इन सब के वाबजूद, Aadhar card एक fact को reveal करता है की ये हमारे indian citizens की identity दर्शाता है. हमारे पास Voter-ID Card, Ration Card, Passport, Driving License, PAN Card और भी card है जो हमारी identity दिखाता है, in सब के वाबजूद हमारी identity एक abstract concept कैसे हुई. Government के administration में transparency, functionality, और structuring ये सभी concept की कमी है जो हमारी identity को fragile और vulnerable बनाता है. हालाँकि हम खुद्किस्मत है की हमारे right to identity sanction करने के लिए एक official पेपर है. तो भी हमे क्यों ये इतना disturb कर रहा है? हा ये अब तक का सबसे बड़ा project है ये इतनी आसानी से fail नहीं हो सकता है. biometric procession और identity verification के लिए पूरी दुनिया में सबसे बड़ा ये project distrubing है.

    क्या आधार कार्ड सुरक्षित है?

    तो चलिए हम अपना discussion privacy के idea से शुरू करते हैं. ये idea of privacy अब foreign, alien और aligning concept बन चुका है. ये Right to information act के ठीक opposite है. government के पास citizen की life के बारे प्रत्येक detail होना और उसे carefully monitoring और scrutinize करने का अधिकार नहीं है. अभी अभी हमे ये सुनने में आया था की  Suvidhaa Infoserve, Axis Bank Ltd और eMudhra companies ने aadhar card के privacy को breach और hack किया था. जिसके कारण इनके खिलाफ cyber crime का case दर्ज हुआ था. हालाँकि उनके उपर फिर charges लगाये गए थे. पर fact की बात ये है की उनके पास इतनी important data उन्हें आसानी से मिल गयी. अब question ये है की government कैसे हमारे इस critical information को misuse होने से बचायेगी?

    internet screen security protection
    Is Aadhar Safe?

    दूसरी issue जो हमे डराती है वो यह है- Enrollment for Aadhar card. New delhi में total population 17.7 million है पर shocking बात तो ये है की 19.2 million Aadhar cards issue हुए थे. तो आप ही बताए की government की scheme का function कैसे हो सकता है जब leakage इतना apparent है और इसका अभी तक कोई solution भी नहीं है. Aadhar card की duplicity भी अपने ही unique concept को challenge कर रही है जो indian citizen से अभी तक छुपा हुआ है.

    अगर अभी से आयना में देखे तो पुरा aadhar generation आगे जाकर government scrutiny, harassment और privacy threat के लिए future victims हैं. ये democracy का manipulation है जहा individual privacy को official identity के बदले bargain किया गया है.

     

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