555 Timer क्या है? Working और Applications

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555 Timer IC

स्वागत है आप सभी का मेरे इस tutorial में जिसमे आज हम 555 timer के बारे में पढेंगे. जिन्हें इस IC के नाम पहली बार सुन रहे होंगे उन्हें ये नाम बड़ा अजीब लग रहा होगा. पर चिंता ना करे हम इस नाम पर भी discussion करेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं.

दोस्तों हम जब भी कोई electronic का project करते हैं तो हम अपने circuit में   555 timer का इस्तेमाल काफी frequently करते हैं. चाहे फिर वो एक simple project हो जिसमे हमने 8 bit micro-controller और कुछ peripherals का उपयोग किया हो या फिर एक complex circuit जिसमे system on chips(SoCs) हो इन सभी में हम 555 timer का उपयोग होता है.

इस IC को 1971 में अमेरिकन कंपनी Signetics ने introduce किया था, लेकिन 555 का इस्तेमाल आज भी भारी मात्रा में किया जाता है क्युकि इसकी price कम है, इसका उपयोग करना बहुत आसान है, applications जबरदस्त हैं और stability भी अच्छी होती है. आज इसे बहुत सारी companies original bipolar और low-power CMOS types में बनाती है. साल 2003 में बिलियन के नंबर में इस IC का production हुआ था.(उस समय तो लोगो को शायद 555 cough syrup के बारे में ही पता होगा. 🙂

इतना different नाम क्यूँ ?

दोस्तों अब आपके दिमाग में यह सवाल ज़रूर होगा की ये 555 नाम क्यों पड़ा ? चलिए तो इसका जवाब हम आपको दे देते हैं. इसका नाम इसलिए पड़ा क्युकि इसमें 3 resistor जिसकी value 5KΩ होती है वो तीनों internally connected होते हैं. ये तीनों का इस्तेमाल कर ये IC 2 comparators के reference voltage generate करती है. यह precision, timing device के लिए बहुत useful है और यह simple timer की तरह act करता है जो single pulses या long time delays के लिए इस्तेमाल होती है. या फिर relaxation oscillator की तरह जो stabilised waveforms का string generate करता है जिसकी duty cycles 50 से 100% तक की होती है.

Timer 555 8-pin की device होती है जो accurate Monostable, Bistable या Astable Multivibrator की तरह operate होती है. ताकि वह variety of applications को produce कर सके जैसे one-shot या delay timers, pulse generation, LED और lamp flashers, alarms और tone generation, logic clocks, frequency division, power supplies और converters इत्यादि.

Inside 555 टाइमर IC

Single 555 timer chip अपने basic form में एक bipolar 8-pin mini Dual-in-line Package(DIP) device होता है. इस device में कुछ 25 transistors, 2 diodes और कुछ 16 resistors होते हैं ताकि वो 2 comparators, एक flip-flop और एक high current output stage arrange हो सके. और तो और 555 timer में एक NE556 timer oscillator भी उपलब्ध है. जो दो 555 के ICs को एक single 14-pin DIP package में combine करता है.

नीचे 555 timer की block diagram दी हुई है उसमे उसके pin के no. दिए हुए हैं.

555 TIMER ic PIN DIAGRAM

इसमें जैसा की आप देख सकते हैं की 8 pins और उसके हर pin का अलग function हैं. इसके pins के बारे में आगे हम पढेंगे. अभी हम इस IC के कुछ features है देखेंगे.

Timer 555 के कुछ important features:

आज प्रत्येक electronic circuit में 555 timer का use होता है. तो 555 timer को flip-flop या multi-vibrator की तरह work करने के लिए कुछ particular set of configurations को follow करना पड़ता है. 555 timer के लिए कुछ major features नीचे लिखे हुए हैं:

  • यह power के wide range +5v से +18v पर operate हो सकता है.
  • Load current का sinking या sourcing 200mA है.
  • External components properly select किये जाते हैं ताकि timing intervals को several minutes बना सके. और वो frequencies के साथ हो जो 100 Khz से exceed होता है.
  • 555 timer का output transistor-transistor logic (TTL) को drive कर सकता है क्युकि output current बहुत high होता है.
  • इसका temperature stability temperature change के लिए 50 parts per million (ppm) per degree Celsius होता है जो 0.005%/o C होता है.
  • Timer का duty cycle adjustable होता है.
  • यही नहीं, maximum power dissipation per package  600 mW होता है और इसकी trigger और reset inputs के पास logic compatibility होता है.

Pin diagram और उसकी description

आप सब ने block diagram में 8 pins देखी होगी. तो हम उन्ही pins के details देखेंगे.

Pin Name Pupose
1 GND यह ground pin है जो 555 timer को ground reference voltage (0V) से connect करता है.
2 TRIG यह comparator No.1 को negative input देता है. इस pin पर negative pulse internal flip-flop को “set” कर देता है जब भी voltage 1/3*Vcc के नीचे drop हो जाता है. जिसके कारण switch का output “LOW” से “HIGH” state में जाता है. OUT तब तक high होता है जब तक trigger low होता है. Timer का output पूरी तरह से external trigger voltage के amplitude पर depend करता है.
3 OUT यह output pin किसी भी TTL circuit को drive कर सकता है और 200mA तक के current को source या sink करने में capable है. और तब उसका output voltage approx 1.5V के आस-पास होता है ताकि छोटे speakers, LEDs या motors को output से directly connect कर सके.
4 RESET यह pin internal flip-flop को reset करने का काम करता है जो output, pin3 के state को control करता है. यह active-low input है और logic “1” level से generally connected होते हैं जब ये pin किसी भी unwanted output के reset को prevent नहीं करता है. यह इस input को GND में drive कर timing interval को reset कर सकता है, पर ये timing तब तक शुरू नहीं होता जब तक RESET approx. 0.7 volts के उपर नहीं होता.
5 CTRL Internal voltage divider (by default, 2/3 Vcc ) को “control” access देता है. यह pin voltage divider network का 2/3 Vcc levelको override कर 555 के timing को control करता है. इस pin पर अगर voltage apply करते हैं तो output signal की width को vary कर सकते हैं. और ये RC timing network से independent होता है. जब ये pin use में नहीं होता है तब ये 10nF capacitor के द्वारा ground कर दिया जाता है ताकि noise का कोई disturbance ना हो.
6 THR यह comparator No.2 का positive input है. ये pin जब voltage 2/3*Vcc को exceed करता है तब flip-flop को reset कर देता है जिससे output “HIGH” से “LOW”  state में switch हो जाता है. यह pin RC timing circuit से directly connect किया जाता है.
7 DIS यह open collector output है जो capacitor को intervals में discharge करता रहता है. ये discharge pin internal NPN transistor से directly connected होता है जो timing capacitor को “discharge” करता है ताकि वो ground हो सके जब pin 3 पर output “LOW” में switch हो जाता है.
8 Vcc यह power supply pin है और general purpose के लिए  TTL 555 timers 4.5V से 15V के बीच में होता है.

जैसा की हमने आपको पहले भी बताया है की 555 timers का नाम इसलिए पड़ा क्युकि तीन 5KΩ के resistors internally connected होते हैं जो एक voltage divider network को produce करते हैं. ये network supply voltage जो pin8 और ground जो pin 1 है उसके बीच में होता है. इस series resistive network में comparator 2 के negative inverting input पर 2/3Vcc और comparator 1 के positive non-inverting पर 1/3 Vcc होता है.

ये दोनों comparators पर जो inputs के voltage difference है उसके basis पर output voltage produce होता हैं. और ये externally connected RC network के charging और discharging action से determine किया जाता है. दोनों comparators के output को flip-flop के दोनों input में connect किया जाता है जो बाद में हमे input के state के basis पर “HIGH” या “LOW” level output देता है. Flip-flop के output को high current switching stage को control करने में इस्तेमाल किया जाता है. ताकि वो connected load को drive कर सके जो “HIGH” या “LOW” voltage level output pin पर produce करता है.

555 timer oscillator का ज़्यादातर use astable oscillator की तरह होता है. और ये 2 resistors और capacitors को उसके terminals पर connect करने से बनता है जो एक fixed pulse train generate करता है. और उसका time period RC के time constant से determine होती है. पर 555 timer oscillator की chip को हम दुसरे तरीके से भी connect कर सकते हैं और  हम monostable या bistable multivibrators produce कर सकते हैं. यही नहीं हम Astable multivibrator भी बना सकते हैं.

दोस्तों जैसा की मैं आपको पहले बता चुकी हो की 555 timer तीन mode में काम करता है तो अब हम उसके बारे में पढेंगे.

Timer 555 working:

यह timer generally 3 modes में operate होता है: Astable, Mono-stable और Bi-stable modes.

Astable mode:

इस mode में output पर कभी भी stable level present नहीं होता है. इसलिए output हमेशा ही high और low के बीच में swing करते रहते हैं. इस unstable output का character बहुत सारी applications के लिए clock या square wave output का काम करती है.

इस mode में, IC 555 timer का circuit continuous pulses produce करता है जिसकी frequency 2 resistors और capacitors के value पर depend करती है. यहाँ पर capacitors की charging और discharging एक specified voltage पर depend करती है. IC 555 के Astable mode का diagram नीचे दिया हुआ है. अगर नीचे दिए हुए circuit में voltage apply किया जाता है तो capacitors 2 resistors के द्वारा continuously charge होते रहता है और continuous pulses generate होता है. नीचे दिए हुए circuit में pin 2 और 6 को short कर दिया जाता है ताकि circuit बार बार re-activate होता रहे. अगर o/p trigger pulse high होता है तो circuit में capacitor पूरी तरह से discharge हो जाता है.  अगर delay को increase करना होता है तो हमे resistors और capacitors की high values लेनी होती है.

Astable mode:
Astable mode:

Output signal की frequency R1, R2 और C पर depend करती है. उसका equation कुछ ऐसा होता है:

Frequency(F) = 1/(Time period) = 1.44/((R1+R2*2)*C)

यहाँ R1, R2 resistance की values है और C capacitance की value है.

High level logic time के लिए ये eq. है: TH= 0.693*(R1+R2)*C

High level logic time के लिए ये eq. है: TH= 0.693*R2*C

Output square wave का duty ratio का eq. ,Duty Cycle = (R1+R2)/(R1+2*R2)

Mono-stable mode:

इस configuration में एक stable और एक unstable state होता है. User अपने हिसाब से stable state को या तो high या low choose कर सकता है. अगर stable output को high(1) रखा गया है तो timer का भी output high(1) ही होगा. Interrupt के application के वक़्त timer की output low(0) होती है. उपर के condition के हिसाब से low state unstable होती है और जैसे ही interrupt पास होता है तो वो high(1) हो जाता है.

Monostable mode operation:

इस mode में, circuit ने एक single pulse generate करता है जब भी timer को trigger button के input से indication मिलता है. Pulse का duration resistor और capacitor के values पर depend करता है. अगर activating pulse push button के द्वारा circuit के input में दिया जाता है तो capacitor charge हो जाता है. और timer circuit high pulse को extend कर देता है. और ये high ही रहता है जब तक capacitor पूरी तरह से discharge नहीं हो जाता है. अगर delay को increase करना होता है तो हमे resistors और capacitors की high values लेनी होती है.

Timing interval को calculate करना:

नीचे दिए हुए formulae से monostable circuit का timing interval calculate करते हैं.

T = 1.1 * R1 * C1
जहाँ R1 की resistance ohms में, C1 की capacitance farads में, और T time interval होती है. अगर आप 1M ohm का resistor और उसके साथ 1micro Farad(0.000001 F) का capacitor तो timing interval 1 second में,

T = 1.1 * 1000000 * 0.000001   = 1.1

Bi-stable mode:

Bistable mode में, दोनों output state stable होते हैं. प्रत्येक interrupt के लिए, output हमेशा low(0) से high(1) हो जाता है और अगर high(1) है तो low(0) हो जाता है और फिर यही output continue हो जाता है. Example के लिए, अगर हमारे पास output high(1) है तो वो interrupt आने पर low(0) हो जाता है और तब तक ऐसा रहता है जब तक interrupt अपना status नहीं change करता है.

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उम्मीद है आप सबको ये article पसंद आया होगा. आपके doubt और suggestions आप कमेंट बॉक्स में डाल सकते हैं. सायोनारा…

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