एम्पलीफायर क्या होता है? टाइप्स, वर्किंग और एप्लीकेशन

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दोस्तों आप सभी का इस electronic column में स्वागत है. आप सबने ने diode, transistor के बारे में तो हमारे website पर पढ़ लिया होगा. अगर आपने नहीं पढ़ा तो यह topics आप ज़रूर पढ़े. दोस्तों अब हम transistor से एक कदम और आगे जाते है और amplifier के बारे में पढ़ते हैं. अब आपके दिमाग में सवाल होगा लेकिन क्यों? तो main आपको बता दूं की amplifier electronic circuits में एक main building blocks होते हैं, especially analogue circuits में जहाँ वो signal level में increase provide करते हैं. 

एम्पलीफायर क्या है?

Amplifier एक electronic device या circuit है जिसका उपयोग input terminal पर जो signal applied होता है उसके magnitude को increase करने में होता है. Amplifiers का उपयोग variety of areas – audio applications से लेकर radio frequency तक होता है.

Amplifier एक generic term जिसका इसतेमाल एक circuit को describe करने के लिए होता है जो input signal के increased version को produce करता है. लेकिन सभी amplifier circuits same नहीं होते हैं क्यूकि वो अपने circuit configurations और modes of operation के according classified  होते हैं. “Electronics” में small signal amplifiers devices का ज़्यादातर उपयोग होता है क्यूकि ये बहुत small input signal को amplify करने की ability रखता है, example के लिए एक sensor से जैसे एक photo-device की signal को amplify कर बहुत large output signal produce होता है ताकि relay, lamp या loudspeaker को drive कर सके.

Electronic circuits के कई forms होते हैं जिसे amplifiers class किया जाता है जो Operational Amplifiers और Small Signal Amplifiers से लेकर Large Signal and Power Amplifier तक classified होते हैं. Amplifier का classification signal की size, large या small, उसकी physical configuration और input signal को कैसे process किया जाता है मतलब input signal और current flowing in load के relationship पर और बाकी सभी factors पर depend करता है.

Amplifier circuit symbol

एक normal amplifier का symbol एक triangle होता है और इसे अधिकतर square के अन्दर include किया जाता है. अधिकतर amplifier symbol जब circuit के अन्दर उपयोग होता है तो सिर्फ triangle की तरह दिखाया जाता है जैसे नीचे है.

यह दूसरा symbol एक operational amplifier या circuit में opamp को denote किया जाता है

Amplifier design basics

यह amplifier बहुत तरीके से बनाया जा सकता है. ये biopolar transistors, field effect transistors और यहाँ तक की therminionic valaves/vacuum tube से भी बनाए जाते हैं. Amplifiers में कुछ form के circuit block या integrated circuit भी include किए जाते हैं. ये operational amplifiers के form में हो सकते हैं.

Amplifier design basics

एक amplifier को एक block की तरह consider किया जाता है जिसके 2 input terminals और 2 output terminals होते हैं. जैसा की देखा जाता है ground connection input और output से common होता है इसलिए अधिकतर बार ये माना जाता है की amplifier में सिर्फ 3 terminal होते हैं : input, output और common. अब हमे amplifier के कुछ terms के बारे में जान लेना चाहिए .

note: हालाँकि input और output के “cold” ends normally grounded होते हैं, यहाँ पर generic diagram में separately दिखाया गया है.

Properties of Amplifier

Input resistance- Rin

जब amplifier पर input applied किया जाता है तो जो resistance signal source पर देखा जाता है उसे input resistance कहा जाता है. Input resistance source के लिए load होता है. वह case जिसमे load सिर्फ resistive होता है वो special case है, और normally यह impedance होता है. लेकिन हमारे explaination के लिए हम इसे resistive ही consider करेंगे. Input resistance को input current और voltage को measure कर आसानी से measure किया जा सकता है. और यह इसलिए possible है क्यूकि Ohm’s law R, I, V के बीच का रिलेशन बताता है. 

Output resistance – Rout

Output resistance वह resistance है जो amplifier के within में ही consider किया जाता है जैसा की दिखाया गया है. यह किसी भी load के साथ potential divider network form करता है जो फिर amplifier पर applied किया जाता है. Output के पास indicative और capacitive elements होंगे जिसका मतलब यह impedance है पर ज़्यादातर low frequency applications के लिए resistive consider किया जाता है. Output resistance को determine करने के लिए output वोल्टेज को under no load condition में measure किया जाता है और फिर loaded condition पर measure किया जाता है. अगर हम open circuit voltage, load resistance और internal resistance के across voltage ड्राप का पता लगा ले तो हम source output resistance determine कर सकते हैं.

Gain

Amplifier का gain performance का key element है. Amplifier का voltage gain  A key factor है. यह output voltage को input voltage से divided होता है.

Transformer Gain
 Voltage Gain, Av=VoutVinVoltage Gain, Av=VoutVin

जब भी amplifier का waveform inverted होता है तो उसे इस fact से समझा जाता है की gain negative था.

Amplifier में current gain भी होता है और यह तब ज्यादा useful होता है जब low impedance load को drive करने की ज़रुरत होती है.

Current Gain, Ai=Iout/IinCurrent Gain, Ai=IoutIin

जब भी आप circuit को current gain provide करने का प्रयत्न करते है तो यह ensure कीजिए की circuit के पास sufficient drive capability है. जैसे एक छोटा सा opamp buffer large loudspeaker को खुद से drive नहीं कर सकता है.

Amplifier power gain और design

हमारे लिए amplifier को टेस्ट या design करते वक़्त power gain को define करना लाभकारी होता है. RF amplifier के लिए बहुत important होता है especially तब जब ये transmitter में उपयोग होता है. जैसा की हम जानते है एक circuit में current * voltage power होता है, power gain इन दोनों का product की तरह express किया जा सकता है.

                        Power Gain, Ap=Av × Ai Power Gain, Ap=Av × Ai

जब भी हम amplifier के power gain को specify करते हैं, तो यह decibels में express किया जाता है:

Power gain  dB में, ap = 10log(Ap)

यह possible है की voltage और current levels का उपयोग हम gain को dB में express करने के लिए करे. पर impedance में कोई change को हमेशा ध्यान में रखा जाता है. 

Decibel पर note:

Decibel, Bel का tenth part होता है, यह एक logarithmic way है दो power levels को compare करने का. Electronics की ज़्यादातर quantity जो बड़े amount में होते हैं उसके लिए logarithmic format ही useful है.

Amplifier efficiency

Amplifier को design करने का एक parameter efficiency है. यह बैटरी power equipment में particularly important हो सकता है जहाँ बैटरी life की बहुत importance हो.

Amplifier की efficiency वैसे तो output power divided by input power होता है. Normally input power को DC power की तरह लिया जाता है और amplifier को supply किया जाता है.

Efficiency को percentage में express किया जाता है. इस तरह से amplifier की basic efficiency सिर्फ DC input को देख कर किया जाए तो यह होती है:

            Efficiency=(Signal power output / DC power input)*100%

Amplifier की efficiency कुछ factors पर depend करती है जैसे amplifier की class, circuit में losses इत्यादि.

उम्मीद है आपको यह article  पसंद आया होगा और amplifier  के बारे में जानकारी मिली होगी। हम आपको पावर amplifier  के बारे में भी बात करेंगे.  इसी  तरह हमारे articles  पढ़ते रहिए। और हाँ, आपके पास भी है कोई जबरदस्त टेक्नोलॉजी से रिलेटेड मसाला और आपको है लिखने में जरा सा भी इंटरेस्ट तो आप हमे अपने आर्टिकल्स aryan.yudi@gmail.com पर भेज सकते हैं. हम पब्लिश करेंगे अपनी वेबसाइट पर.

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